सीमांचल के विकास में वरदान साबित होगा राष्ट्रीय राजमार्ग 131A । इससे न सिर्फ झारखंड और पश्चिम बंगाल की दूरी कम हो जाएगी बल्कि झारखंड से स्टोन चिप्स समेत अन्य भवन निर्माण सामग्रियों की ढुलाई भी सुगमता से होगी।
इससे सीमांचल में भवन निर्माण सामग्रियों के दाम में भी कमी आ सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग 131 ए नरेनपुर (मनिहारी) से शुरू होकर पूर्णिया में पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाली ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31) पर समाप्त होता है। यह परियोजना पूर्णिया-कटिहार को सीधे झारखंड और पश्चिम बंगाल के मालदा से जोड़ेगा। महानंदा नदी पर कटिहार के अमदाबाद के पास पश्चिम बंगाल में एक पुल का निर्माण हुआ है।
कटिहार रेलवे का एक डिवीजन है। इस परियोजना के बनने से सीमांचल में विकास के द्वार खुलेंगे। परियोजना के पूर्ण होने पर उत्तर-पूर्व राज्यों से यात्री वाहन एवं माल वाहन इस क्षेत्र से गुजरकर झारखंड की सीमा में प्रवेश करेंगे। सीमांचल के चारों जिला पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के सामाजिक और आर्थिक विकास में यह परियोजना मददगार साबित होगी। इस परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 21 सितंबर को शिलान्यास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। पूर्णिया में भूमि पूजन भी होगी।

गंगा पर पुल, स्टोन चिप्स की ढुलाई सुगमता से होगी
परियोजना के खंड एक के अंतर्गत साहिबगंज से मनिहारी घाट नरेनपुर में फोर लेन के तहत 6.1 किमी लंबे पुल समेत 22 किमी सड़क का निर्माण कार्य 1900.8 करोड़ से पहले ही प्रारंभ हो चुका है। गंगा पुल के निर्माण के बाद झारखंड से स्टोन चिप्स की ढुलाई उत्तर बिहार में सुमगता के साथ हो सकेगी, जिससे भवन निर्माण में लागत में भी कमी आएगी।
कटिहार में नहीं लगेगा जाम, 14.86 किमी का बाईपास
नरेनपुर-पूर्णिया खंड दो के अंतर्गत 49 किमी फोर लेन के निर्माण पर 1805 करोड़ की लागत आएगी। दो उच्च स्तरीय सेतु, 15 लघु सेतु, दो फ्लाई ओवर, तीन आरओबी, 17 अंडर पास बनेगा। कटिहार शहर में वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो और जाम की समस्या न हो इसके लिए 14.86 किमी का बाईपास भी बनेगा।
दो साल में पूरा होगा काम: प्रोजेक्ट डायरेक्टर
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरबिंद भारती के मुताबिक परियोजना के प्रथम खंड का कार्य चल रहा है। द्वितीय खंड के लिए भी उसी कंपनी को काम मिला है जो पहले खंड का काम कर रही है। 21 सितंबर को परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों किया जाएगा। फोर लेन पर सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन फर्राट भरेगी। यह परियोजना दो वर्षों में पूर्ण होगी। कंपनी 15 साल तक इसकी मेंटेनेंस भी करेगी।


