भागलपुर : कई दिनों से जदयू और लोजपा के तल्खी और इस तल्खी को पाटने की लगातार कोशिश में लगी भाजपा की कोशिश फेल हो गयी. रविवार शाम लोजपा ने एनडीए गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने की घोषणा की. लोजपा के जिले के विधानसभा सीट पर प्रत्याशी खड़ा करने के बाद वोट बैंक के समीकरण में भी सेंध लगेगा. वहीं इस घोषणा के बाद जिले में लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के चेहरे पर जो बैचैनी थी, वह कम हो गयी है.
दिल्ली बैठे भागलपुर के एक नेता के करीबी ने बताया कि सोमवार को पार्टी द्वारा जिसे प्रत्याशी बनाया जायेगा, उन्हें सिंबल मिल जायेगा. वहीं लोजपा के टिकट की दौड़ में डिप्टी मेयर सह लोजपा नेता राजेश वर्मा और लाेजपा जिलाध्यक्ष अमर सिंह कुशवाहा हैं.

वहीं अलग होने के बाद अन्य विधानसभा जहां से जदयू लड़ेगी वहां प्रत्याशी उतारा जायेगा. जिले के सातों विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी कर रहे विभिन्न दलों के नेताओं के नाम हर घंटे बदल रहे हैं. शनिवार से ही हर पार्टी के नेताओं के नाम बदल रहे हैं.भागलपुर से दिल्ली और पटना तक फोन घनघना रहा है. फोन पर बात हो रही है, सब ठीक है, अपनी तैयारी में लग जाइये. पटना और दिल्ली में बैठे टिकट की चाहत रखने वाले नेता, जिसके नाम पर लगभग सहमति बन गयी है, लेकिन सहमति के बाद भी सीटों के तालमेल के बाद वह पक्की सीट दावेदारों के हाथ से जाने लगी है.
एक दल के कार्यकर्ताओं ने अपने करीबी के चुनाव लड़ने को लेकर बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है. ठीक इसके इतर गंगा पार के एक विधानसभा क्षेत्र के टिकट के दावेदार दिल्ली और पटना न जाकर अपने क्षेत्र के मतदाताओं से मिल रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं.


