गुवारीडीह में कोसी के वर्तमान धारा को फिर से पुरानी धारा में लाने के लिए 20 फरवरी से कार्य शुरू हो जाएगा। उक्त जानकारी शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक ई. शैलेंद्र ने दी। विधायक ने बताया कि सर्वे व प्राक्कलन रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों द्वारा समर्पित होने के बाद जल संसाधन विभाग द्वारा इस कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
मालूम हो कि सीएम नीतीश कुमार प्रखंड के जयरामपुर-गुवारीडीह में प्राचीण सभ्यता से जुड़े प्रमाणिक अवशेष व सामग्री समेत अवशेष स्थल का अवलोकन करने दिसम्बर माह में पहुंचे थे। सीएम ने ही मौके पर गुवारीडीह टिले को कोसी के कटाव से बचाने व कोसी की वर्तमान धारा को पुरानी धारा में सक्रिय करने का निर्देश दिया था। सीएम के निर्देश के आलोक में जल संसाधन विभाग नवगछिया के एसडीओ विजय कुमार अलबेला के नेतृत्व में कोसी कटाव रोकने के लिए एवं कोसी की धारा वर्तमान से पूर्ववत करने के लिए गुवारीडीह व बैनाडीह में पायलट चैनल शुरू करने को लेकर सर्वे किया गया था।

विभाग के एसडीओ श्री अलबेला ने सर्वे रिपोर्ट के साथ कार्य प्राक्कलन रिपोर्ट पटना में बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख को सौंपा था। साथ ही पायलट चैनल की स्कीम भी तकनीकी सलाहकार समिति में सम्मिलित किया गया था। बताया कि पूर्व में कोसी की धारा जिस बैनाडीह धार में बहती थी। वर्तमान में गुवारीडीह में कटाव कर रही कोसी की धारा को उसी बैनाडीह में पायलट चैनल के द्वारा शिफ्ट किया जाएगा। जल संसाधन विभाग नवगछिया के एसडीओ ने बताया कि यहां कोसी आज से 12-13 वर्ष जिस धारा होकर बहती थी अब उसी होकर बहेगी। नई धारा छह किमी लंबी, तीस मीटर चौड़ी व छह मीटर गहरी होगी। नई धारा को मौजा मुरौत से शुरू करके मौजा विशुनपुर तक लाया जाएगा।


