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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री की तरफ से पेश किए जाने वाले आम बजट में काला धन रखने वालों पर एक और वार करने की तैयारी की जा रही है। इस बात की संभावना है कि आयकर एक्ट में संशोधन करके इंकम टैक्स विभाग को यह अधिकार दिया जाएगा कि वह 6 साल से अधिक पुराने खातों को खंगाल सके। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि अब तक सरकार 6 साल से पुराने किसी भी खाते को नहीं खोल सकती थी परन्तु केंद्रीय बजट में इस संबंधी व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने पहले ही वर्ष 2016 में स्वेच्छा से काले धन का ऐलान करने के लिए 2 स्कीमें शुरू की हुई हैं।

40 साल पहले इकट्ठा किए गए काले धन का भी पता लगाया जाएगा
विभाग के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि पुराने मामलों को खोलने में पेश आती समस्याओं को दूर करने के लिए नए बजट में आयकर एक्ट को सुधारा जाएगा। अधिकारी ने कहा कि अब हम 40 साल पहले इकट्ठा किए गए काले धन का भी पता लगाकर दोषी को पकड़ सकते हैं। नोटबंदी लागू होने के बाद सरकार ने आई.टी. एक्ट में कुछ संशोधन किए हैं जिनमें स्वयं ही अपने काले धन की जानकारी देना और 85 प्रतिशत का कुल भुगतान करके काले धन को सफेद बनाना शामिल है।

टैक्स की दरें मौजूदा समय वाली ही होंगी
आयकर विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि अगर हम कुछ साल पुराना काला धन भी पकड़ते हैं तो उस पर टैक्स की दरें मौजूदा समय वाली ही होंगी। आलोचकों ने इस तरह पुराने काले धन पर टैक्स मौजूदा समय मुताबिक लाने की आलोचना की है और कहा है कि यह बिल्कुल गलत है। के.पी.एम.जी. इंडिया के टैक्सों के बारे राष्ट्रीय नेता गिरीश ने कहा कि हम चाहते हैं कि आयकर एक्ट को इस तरीके से सुधारा जाए कि यह बात स्पष्ट हो जाए कि आयकर विभाग कितने पुराने समय के काले धन को ढूंढ सकता है।  स्पष्टत: लाने के लिए इस तरह करना बहुत जरूरी है। यहां यह बात बताने योग्य है कि सरकार की तरफ  से शुरू की गई स्वैच्छिक योजना के 30 सितम्बर को खत्म होने पर कुल 65,250 करोड़ रुपए की अघोषित राशि सामने आई थी। इसके साथ सरकार को कम से कम 30,000 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में मिले।

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