नवगछिया : सरकार के तमाम दावों के बावजूद भी खरीक पीएचसी में सुविधाओं अभाव बना हुआ है। यहां न मरीजों को समुचित इलाज मिल रहा और न व्यवस्था। सरकार की ओर से परिवार नियोजन को लेकर सेवा पखवाड़ा शुरू किया गया है। 29 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में परिवार नियोजन के साधन को अपनाने वाले लाभार्थियों खासकर महिलाओं को सरकार ऑपरेशन के दौरान समुचित स्वास्थ्य उपलब्ध कराने का दावा तो कर रही है। लेकिन खरीक पीएचसी में यह दावा पूरी फेल है। पखवाड़े में नसबंदी के लिए शामिल होने वाली महिला मरीजों के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

ऐसी स्थिति मंगलवार की रात 9:30 बजे दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आई। जिसमें देखा गया कि दर्जनभर महिला लाभार्थी इस कड़ाके की ठंडी में पीएससी के फर्श पर लेटी हुई थी। जबिक कायदे से देखा जाए तो इस तरह के किसी भी आयोजन से पहले वहां मरीजों के ठहरने के दाैरान पूरी व्यवस्था करने का प्रावधान है। मंगलवार को प्रखंड के विभिन्न गांवों से कुल 18 योग्य महिलाओं का बंध्याकरण किया गया था। मगर अफसोस कि एक भी लाभार्थियों को पीएचसी प्रबंधन द्वारा सरकारी स्तर से किसी तरह की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। यहां तक की लाभार्थी को मिलने वाली दो हजार की राशि से भी आधे से ज्यादा दवा पर खर्च हो रही जा रही है।

स्वास्थ्य केन्द्र में बेड तो दूर बिछावन और कंबल तक नहीं है उपलब्ध

चिकित्सकीय व्यवस्था तो दूर यहां ऑपरेशन के बाद रातभर ठहरने वाली महिला लाभार्थियों के लिए न बेड की व्यवस्था की गई थी और न कंबल दिया गया। ऐसे में फर्श पर रात गुजारने के लिए लाभार्थियों को घर से बिस्तर और कंबल मंगाना पड़ा, तब जाकर किसी तरह से उन्हें ठंड से राहत मिली। यही नहीं, ऑपरेशन के बाद दी जाने वाली एंटीबायोटिक इंजेक्शन समेत अन्य किसी प्रकार की कोई दवाई भी नहीं दी गई। लिहाजा लाभार्थियों को खुद निजी मेडिकल स्टोर से दवाई भी खरीदनी पड़ी।

ऑपरेशन कराने वाली बहत्तरा निवासी बिंदिया देवी, ढोड़िया की विनीता देवी, नवादा की पूजा देवी, चोरहर की आरती कुमारी, पीपरपांती की काजल देवी, खरीक महापात्र टोला की रेशमी देवी, भवनपुरा की रिंकु देवी के परिजनों ने बताया कि सरकारी स्तर से सिर्फ ऑपरेशन ही मुफ्त हुआ है। इसके बाद सभी व्यवस्था खुद करना पड़ा। दर्द की दवाई तक नहीं मिली। लिहाजा दर्द की भी दवाई खरीदनी पड़ी। सभी दवाई खरीदने में 1200 रुपये का खर्च उठाना पड़ा। परिजनों ने कहा कि सरकार की ओर से जितने भी दावे किए जा रहे है, सब हवा हवाई साबित हो रही है। अगर यही स्थिति रही तो परिवार नियोजन के लिए कोई भी आगे आने का प्रयास नहीं करेगा।

मामले की जांच कर दोषी पर होगी कार्रवाई

ऑपरेशन होने के बाद अगर किसी भी महिला लाभार्थी को बाहर से दवा खरीदनी पड़ी है तो उन्हें किसने दवा खरीदने कहा, इसकी वह लिखित शिकायत करें। जिसके बाद मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अन्य व्यवस्थाओं में कमी की भी जानकारी ली जाएगी। लाभार्थी को किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो वह सीधे हमसे शिकायत करें। हर हाल में समस्या को दूर किया जाएगा। डाॅ. नीरज कुमार सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी-खरीक पीएचसी

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By न्यूज़ डेस्क

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