आइएमए भागलपुर के शपथ ग्रहण समाराेह के सीएमइ में बोले वरिष्ठ फिजिशियन डॉ एके सिन्हा

diabetes-destroyer2

भागलपुर : वरीय फिजिशियन डॉ एके सिन्हा ने कहा कि 50 साल से अधिक उम्रवालों में करीब 50 प्रतिशत लोग नपुुंसकताके शिकार पाये जा रहे हैं. इनका सबसे बड़ा कारण शुगर की बीमारी है. डायबिटीज अधिक होने पर मनुष्य में इरेक्शन पैदा करनेवाले नर्व का डैमेज होना है. अगर समय रहते हम चेत जाये तो डायबिटीज से होनेवाली कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हाेने से बचा जा सकता है. डॉ सिन्हा आइएमए भागलपुर ब्रांच के सत्र 2017-18 के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह आइएमए हाल में आयोजित सीएमइ के अवसर पर डायबिटीज के मरीजों देखभाल व इसके निरोधात्मक उपाय पर चर्चा कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि अब तो डायबिटीज की बीमारी कम उम्र के लोगों को होने लगी है. ऐसे में अगर शुगर की बीमारी लंबे समय तक लोगों को सताती रही तो उन्हें भी नपुंसकता हो सकती है.

गर्भधारण पूर्व आइएफए का सेवन बचा सकता है आपके शिशु को कई विकृतियों से : आइएमए बिहार की पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू गीता मिश्रा ने कहा कि मां बनने के लिए सही उम्र 20 से 30 साल के बीच का है. समय पूर्व या 35 के बाद गर्भधारण करने से गर्भवती महिला या उसके नवजात बच्चे को कई कंप्लिकेशंस हो सकते हैं. देश में होने वाली मातृत्व मृत्यु में एक बड़ा कारण एनिमिया और कम उम्र में मां बनना है. गर्भधारण करने से एक माह पूर्व महिला आयरन फोलिक एसिड का सेवन करें तो वह अपने जन्म के समय शिशुओं में पायी जाने वाली जन्मजात विकृतियों को रोका जा सकता है.

आइएमएएसयू-आएमएडब्ल्यूडब्ल्यू को भी सक्रिय करने की जरूरत : आइएमए बिहार के वरीय उपाध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि आइएमए भागलपुर देश के विभिन्न जिलाें में अपनी साख-धाक जमा रहा है. अब जरूरत है कि बिहार में आइएमए के स्टूडेंट विंग और वूमेन विंग को सक्रिय किया जाये. भागलपुर इसका आगाज करें. मुंबई, गुजरात व दक्षिण भारत में आइएमए के स्टूडेंट व वूमेन विंग बेहतर तरीके से काम कर रहा है. इस दिशा में हमें भी काम करना होगा.

डॉ मृत्युंजय चौधरी को सौंपी कमान

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *