पटना. सरकार पर वादाखिलाफी को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में एसटीईटी पास किये हुए छात्रों ने पटना सचिवालय के शिक्षा विभाग के सामने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षामंत्री बार बार आश्वासन देते रहे हैं कि एसटीईटी प्रमाणपत्र में नॉन मेरिट कॉलम का उल्लेख नहीं होगा, लेकिन जो प्रमाणपत्र दिया जा रहा है उसमें उसका उल्लेख किया जा रहा है.
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प्रदर्शनकारी इस उल्लेख का विरोध कर रहे थे. विरोध जब उग्र रूप लेने लगा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस लाठीचार्ज के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कुछ हिरासत में लिये गये हैं.
जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए भारी संख्या में पुलिस तैनात थी. छात्र उनकी बात मानने को तैयार थे इस दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्कामुक्की भी हुई. प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को लाठियां तक भांजनी पड़ी.

इस दौरान अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी. आक्रोशित एसटीईटी अभ्यर्थियों ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर पर गंभीर आरोप लगाये. उन पर पैसे लेकर धांधली करने का आरोप लगाया.
एसटीईटी के अभ्यर्थी सचिवालय के समक्षा शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया. पुलिस की इस लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
एसटीईटी अभ्यर्थियों ने सरकार पर अन्याय का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों को पिटवाने का आरोप लगाया है. अभ्यर्थियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे इसी बीच पुलिस ने उनपर लाठियां बरसानी शुरू कर दी.
