नवगछिया, पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा 16 चक्के वाले ट्रकों के जरिये गिट्टी, बालू आदि की ढुलाई पर लगाए गए प्रतिबन्ध को रद्द कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद ट्रक एसोसिएशन के लोगों ने खुशी जताई है।
ट्रक एससोसियेशन के जिलाध्यक्ष दीप नारायण सिंह दीपक ने कहा कि चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन, भागलपुर जिला ट्रक औनर एसोसिएशन व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर 7 अप्रैल,,2022 को सुरक्षित रखा था, जिसे सोमवार को हमलोगों के पक्ष में सुनाया गया।
2020 में लगाया गया था प्रतिबंध :
बिहार सरकार ने 16 दिसम्बर, 2020, को अधिसूचना जारी कर इन वाहनों द्वारा गिट्टी, बालू की ढुलाई पर रोक लगा दी थी। बिहार सरकार द्वारा रोक के आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं ने ये मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया। इन याचिकाओं में बिहार सरकार द्वारा 16 चक्कों के ट्रक के जरिये गिट्टी व बालू आदि की ढुलाई पर 16 दिसंबर, 2020 को ही एक अधिसूचना जारी कर प्रतिबंध को चैलेंज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें की सुनवाई 3 जनवरी,2022 को की थी।

आठ सप्ताह में फैसला लेने का दिया था निर्देश :
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें को सुनवाई करते हुए इसे वापस पटना हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को 8 सप्ताह के भीतर सुनवाई कर मामले का निपटारा करने को कहा था। इन मामलों पर पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य सम्बंधित सभी पक्षों को अपना अपना पक्ष लिखित तौर पर कोर्ट के समक्ष दायर करने का निर्देश दिया था।
वहीं भागलपुर जिला ट्रक औनर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपनारायण सिंह ने बताया कि यह जीत ट्रक मालिकों की हुई न्यायपालिका पर विश्वास करने का फल मिला है । पूरे बिहार में दो लाख ट्रक मालिक न्यायालय की आश लगाये बैठे थे। सरकार से हमलोग मांग भी करते हैं कि ट्रक मालिकों को अपना एक अंग मानकार चलिए , इस जीत को लेकर भागलपुर जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन पूरे जिले में खुशी मनायेंगे।

