बिहपुर थाना क्षेत्र के झंडापुर ट्रिपल मर्डर केस में दयालपुर निवासी आरोपी अमन कुमार झा को सजा दिलाने में अनुसंधानकर्ता दारोगा जवाहर लाल सिंह का अहम रोल रहा। आईओ की रिपोर्ट में 25 नवंबर 2017 की रात बिहपुर के झंडापुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की कुल्हाड़ी से हुई हत्या के पहले और बाद के हालात ने अमन समेत पांचों आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई। आईओ की रिपोर्ट में ही बताया गया था कि घटना के बाद बच निकली मृतक की बेटी के साथ दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। आईओ ने इसके सबूत दिए थे।
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हत्याकांड के बाद पूरे मामले में साइलेंट किलर का शक लग रहा था। लेकिन गरीब परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या का तार आईओ ने ही जोड़ा था। आईओ ने पीड़िता के घर के सामने चापाकल पर घर की महिलाओं के नहाने और पास के खेत में आरोपियों के ताश खेलने का जिक्र भी जांच में किया था। इसके बाद पीड़िता के घर के सामने की एक महिला से सुराग हाथ लगा कि झंडापुर जागीर टोला निवासी मोहन सिंह, कन्हैया झा, मुहम्मद महबूब, बलराम राय उर्फ बाले राय और दयालपुर के अमन कुमार को एक दिन पहले ताश खेलते देखा था। महिला ने ही बताया था कि चापाकल पर पीड़िता के नहाने के दौरान ही हाथ धोने के सवाल पर किचकिच भी हुई थी। आईओ जब इन लोगों की तलाश में जुटी तो सभी घर से गायब मिले। फिर इन लोगों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया गया था और एक के बाद एक पकड़े गए। सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है।
50 हजार रुपये का इनाम था मुजरिम अमन पर
जांच के दौरान ही पता चला कि अमन ने ही सबसे पहले दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। अमन दयालपुर में एनएच 31 के समीप सड़क निर्माण करने वाली एक कंपनी के कर्मी की 2014 में हत्या करने के मामले में भी आरोपी रहा है। अमन गिरफ्तारी के डर से भागता रहा। कांड में नाम आने और फरार होने पर पुलिस ने अमन पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। लेकिन 6 सितंबर 2020 को उसकी गिरफ्तारी एनएच 31 चौक से हुई थी। बता दें कि पूर्व के चारों आरोपियों को 20 नवंबर 2019 को ताउम्र उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

पूरे मामले में पुलिस की भूमिका काबिले-तारिफ रही थी। तत्कालीन डीआईजी ने पीड़िता को विशेष गाड़ी से पीएमसीएच में एडमिट कराया था और स्वयं दो-तीन बार पटना उसकी तबीयत जानने गए थे। पुलिस मुख्यालय स्तर से पीड़िता का ख्याल रखा जाने लगा। करीब एक माह बाद पीड़िता कोमा से निकली और तीन माह बाद झंडापुर आई। उधर, पीड़िता के दो भाइयों की सुरक्षा के लिए हाउस गार्ड उपलब्ध कराया गया।
