नवगछिया : नवगछिया बाजार के हृदय स्थल घाट ठाकुरबारी में चल रहे दशम महा रुद्राभिषेक के पांचवें दिन डाo श्रवण जी शास्त्री के द्वारा गरुड़ महापुराण की कथा में मृत्यु उपरांत दैहिकी क्रिया, दाह संस्कार विधि, संस्कार उपरांत पुत्रों द्वारा पितृ कर्म कर्तव्य का विशद विवेचन संगीत मय कथा के माध्यम से किया गया l
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कथा के अंत में बच्चों द्वारा भगवान कृष्ण के माखन चोर रूप की झांकी प्रस्तुत की गई जिसमें भगवान श्री कृष्ण के द्वारा मटकी फोड़ने, यशोदा मैया के साथ लुक्का चुप्पी और गोपियों संग दोस्ती का था तदोपरांत आरती का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्तों ने आरती में भाग लिया
इस कार्यक्रम मे महारुद्र समिति के पदाधिकारी, सदस्य, कार्यकर्ता एवं शिव भक्तों का उत्साह पूर्वक सहयोग में लगे हुए थे

