नवगछिया । गंगा के जलस्तर में वृद्धि को लेकर पिछले तीन दिनों से सड़क किनारे लाशें जलाई जा रही है। नवगछिया में श्मशान घाट डूब जाने के बाद लोग जाह्नवी चौक के समीप एनएच किनारे लाश जलाने को विवश हैं। प्रतिदिन करीब दर्जन भर लाशें यहां जल रही हैं।
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मंगलवार को जलस्तर में कमी आने के बाद गंगा एनएच से थोड़ा दूर गई लेकिन कीचड़ व दलदली के चलते लोगों ने एनएच किनारे अंत्येष्टि की जा रही है। भागलपुर बरारी श्मशान घाट के पास भी लोगों को लाश जलाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोग ऊंचे जगह पर लाश जला रहे हैं। सुल्तानगंज और कहलगांव में भी यही हाल है।
2021 में भी यहीं लाशें जलाई गई थीं
नवगछिया के पास महदत्तपुर, लत्तीपुर से लाश जलाने आए कई लोगों ने बताया कि वे लोग पहले जाह्नवी घाट के पास लाश जलाते थे। अभी वहां पानी मुख्य सड़क तक सट गया है। मुख्य सड़क संकरी होने और आबादी वाले इलाके के चलते वहां लाश जलाने से ग्रामीणों ने इंकार किया तो वे लोग विक्रमशिला पुल के पास आ गए। यहां भी यही हाल है लेकिन एनएच के नीचे चिता सजाने की जगह होने के चलते यहीं अंतिम संस्कार कर रहे हैं। मुखाग्नि में मदद करने वाले घाट राजा भी यहीं रह रहे हैं। घाट राजा गौतम मल्लिक ने बताया कि पिछले साल 2021 में भी जबरदस्त बाढ़ आयी थी। उस समय करीब एक माह तक इसी स्थल पर दोनों ओर लोग अंतिम संस्कार करते रहे।

लाश गाड़ी से विक्रमशिला पुल के पास रोज लग रहा है जाम
इधर, एनएच किनारे दुकान चलाने वाले लोगों ने बताया कि यहां लाश जलने से प्रदूषण फैल रहा है। अंतिम संस्कार पवित्र धर्म है, रोकटोक भी सकते। लेकिन यहां इससे जाम हो जाता है। दुकानदारों ने बताया कि लाश उतारने के क्रम में गाड़ी करीब आधे घंटे तक यहां खड़ी रहती है। तब एक साइड से जाम लग जाता है। जिसका असर विक्रमशिला सेतु होते हुए भागलपुर जीरोमाइल तक जाता है। जगतपुर के मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि दो-चार दिन में जब गंगा का जलस्तर कम हो जाएगा। तब लोग पुन: पुराने जगह पर ही अंतिम संस्कार करेंगे। शव वाहन से जाम न लगे, इसके लिए हमलोगों ने जाह्नवी पुलिस से अनुरोध भी किया है। पुलिस रोक-टोक भी कर रही है।
