आजकल युवाओं में जिम जाने का प्रचलन है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि कितना व्यायाम करना है और कब रुकना है। 35 वर्ष के अधिक उम्र के लोगों को बिना डॉक्टरी सालाह के जिम नहीं जाना चाहिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि सीने में दर्द को हृदय रोग का लक्षण सभी जानते हैं पर व्यायाम करते समय चक्कर आना और उल्टी लगना भी महत्त्वपूर्ण लक्षण हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह बातें आईएमए हाॅल में वर्ल्ड हार्ट डे से एक दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस में बुधवार काे प्राे. डॉ. एके सिन्हा ने कही।
इससे पहले आईएमए अध्यक्ष डाॅ. संजय सिंह ने कहा कि खानपान में बदलाव लाकर हार्ट की बीमारी से लाेग अपना बचाव कर सकते हैं। अभी दुर्गा पूजा का समय है इसलिए कहीं कार्यक्रम हमलाेगाें ने नहीं किया है पर अपने-अपने क्लीनिकाें में गुरुवार काे इलाज के दाैरान मरीजाें काे जागरूक करेंगे।

इस दाैरान डाॅक्टराें ने आईएमए हाॅल के पास वाॅक करके लाेगाें से अपील भी किया कि वे भी अपनी दिनचर्या में टहलना शामिल करें। इस माैके पर डाॅ. मनीष कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। जबकि हार्ट स्पेशलिस्ट डाॅ. आशीष सिन्हा, डाॅ. भारत भूषण, डाॅ. आरपी जायसवाल, डाॅ. विनय कुमार झा, जीजाह हुसैन व अन्य माैजूद रहे।
खानपान में बदलाव लाकर हार्ट की बीमारी से लाेग अपना कर सकते हैं बचाव
45 मिनट वाॅक से दिल काे रखें स्वस्थ
डाॅ. हेमशंकर शर्मा ने कहा कि अपने दिल काे स्वस्थ रखना है ताे राेज 45 मिनट या सप्ताह में 150 मिनट टहलने का अभ्यास रखना ही हाेगा। टहलने के दाैरान जब आपकी सांसें तेज चलने लगे और पूरा वाक्य आप न बाेल पाएं ताे समझ लीजिए कि आज का वाॅक तय मानक के अनुसार हुआ है। क्याेंकि अब ऐसा नहीं है कि 40 वर्ष के बाद ही हार्ट की बीमारी हाेगी, बल्कि अब ताे नवजाताें से लेकर 20 साल के युवाओं काे भी अटैक आ रहा है।
भागलपुर का डाटा नहीं
भागलपुर में हार्ट के हर साल कितने मरीज मिल रहे, इसका 10 साल में डाटा तैयार नहीं हुआ है। जबकि वर्ल्ड हार्ट-डे से एक दिन पहले हर बार मेडिकल काॅलेज अस्पताल या आईएमए हाॅल में प्रेस कांफ्रेंस कर देश-विदेश में हाेने वाली माैताें का आंकड़ा पेश किया जाता है। बुधवार काे भी ऐसा ही हुआ, इस मामले में जब डाॅक्टराें से सवाल पूछा गया ताे टीबी चेस्ट विभाग के एचओडी डाॅ. डीपी सिंह ने कहा कि लाेकल डाटा ताे नहीं है।
