विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से शुरू होगा बेली ब्रिज का काम, गंगा का जलस्तर घटते ही तैयारियां तेज
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भागलपुर। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट के साथ विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य की प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण का काम आगामी 1 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा।
बेली ब्रिज निर्माण के लिए पंजाब और हरियाणा से आवश्यक स्ट्रक्चरल सामग्री और भारी उपकरण भागलपुर पहुंच चुके हैं। शेष जरूरी सामान भी काम शुरू होने से पहले साइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

पुल निगम के एमडी करेंगे तैयारियों का निरीक्षण
पुनर्स्थापन कार्य की तैयारियों की समीक्षा के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक बुधवार को भागलपुर पहुंचेंगे। इस दौरान वे विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण की जमीनी तैयारियों का जायजा लेंगे।
एमडी भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर निर्माणाधीन बौंसी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेंगे।
सेतु पर काम के दौरान चलेंगे यात्री और मालवाहक जहाज
विक्रमशिला सेतु पर पुनर्स्थापन कार्य के दौरान उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गंगा में यात्री और मालवाहक जहाजों के परिचालन की तैयारी की जा रही है।
अब तक प्रशासन को 7 यात्री जहाजों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। मालवाहक जहाजों के परमिट की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि पुल पर काम शुरू होने के दौरान लोगों और मालवाहक वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुचारु रहे।
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार के अनुसार, 20 सितंबर के बाद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। इसके बाद परिचालन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि दुर्गापूजा और छठ से पहले जरूरी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं।
घाटों पर गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था
नदी परिवहन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए घाटों और जहाजों पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। जहाजों पर गोताखोर और पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध रखने के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
बाबूपुर घाट और हाई लेवल घाट पर परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम को भी सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।
ओवरलोड ट्रकों पर प्रशासन की सख्ती
मालवाहक जहाजों से नदी पार कराए जाने वाले ट्रकों के लोडिंग बिल, ई-वे बिल और माइनिंग चालान की जांच अनिवार्य की गई है। क्षमता से अधिक भार वाले ट्रकों को जहाज से नदी पार कराने पर रोक रहेगी।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने खनन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। प्रशासन को पूर्व में जहाजों के माध्यम से ओवरलोड बालू और गिट्टी लदे वाहनों को नदी पार कराने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद निगरानी व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।
