नवगछिया : नवगछिया बाजार के रुंगटा सत्संग भवन रोड स्थित व्यवसायी पवन चिरानिया के घर में ताला तोड़कर घर में रखा 315 बोर का राइफल सहित साढ़े तीन लाख रुपये चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया। इस संबंध में व्यवसायी नवगछिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। नवगछिया पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर कांड में शामिल चांदनगर निवासी दाई जुलेखा खातून, उसके पुत्र मो. नूर पिता मोहम्मद शकीर बैठा और एक बालक को गिरफ्तार कर रायफल और रुपये बरामद कर लिया।
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एसडीपीओ दिलीप कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना के बाद अनुसंधान के क्रम में वादी के द्वारा रुपये का पुनर्मिलन करने पर पाया गया कि कुल ₹9.5 लाख की चोरी की गई है। नवगछिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में थाना अध्यक्ष डॉ. भारत भूषण सहित पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी और कांड में चोरी किए गए राइफल और रुपये की बरामदगी के लिए छापेमारी अभियान चलाया गया।


सीसीटीवी फुटेज और सूचना के आलोक में व्यवसायी के घर में झाड़ू पोछा करने वाली दाई जुलेखा और उनके साथ में काम करने वाले उसके पुत्र मो. नूर की संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पूछताछ हेतु पुलिस हिरासत में लिया गया। एसडीपीओ ने बताया कि जुलेखा ने कांड में शामिल होने की बात स्वीकारी। बताया कि चोरी हुए रुपया में से कुछ खर्च हुए हैं एवं कुछ रुपया इनके घर में है। अन्य रुपया और चोरी के रुपये से खरीदा गया मोबाइल मो. अजमल चांदनगर और शेष रुपया मजनू उर्फ जावेद के पास में है।
राइफल के संबंध में बताया कि पुलिस के डर से मो. अजमल और उनके दोस्त मो. जुबेर घर उजानी में रायफल छुपा कर रखने के लिए दिया है। इसके बाद जुलेखा और मो. नूर के घर से ₹4.50 लाख रुपये बरामद किया गया। एक बालक के घर से 42,500 रुपया और एक मोबाइल भी बरामद किया गया। मो. मजलूम निवासी उजानी के घर से ₹1.68 लाख नगद बरामद किया गया। उजानी स्थित बगीचा से चोरी किए गए राइफल बोरा से लपेटा हुआ बरामद किया गया।
नौकर नूर ने पूछा था कि रायफल असली है या खिलौना:
व्यवसायी के घर पोछा लगाने के दौरान उसने घर की सभी चीजों को देखा था। उसने रायफल देखकर पूछा भी था कि रायफल असली है या नकली। महिला ने बताया कि असली है। इसी दिन मो. नूर ने अपने चचेरे छोटे भाई के साथ चोरी की योजना बनाई। नूर छोटे भाई के साथ 9 बजे रात्रि में घुसा और घर की कुंडी तोड़कर सारा रुपया बैग में लेकर 9.45 बजे निकला। रायफल बोरा में लपेटा हुआ था। उसने बोरे में रायफल लपेटकर अल्ताफ को दिया। साथ ही 2.50 लाख टोटो खरीदने के लिए दो आदमी को दिया। वहीं नूर ने अल्ताफ को रायफल दिया।
