नवगछिया। नवगछिया के आनंद निलय भवन में शनिवार को बहुजन संसद कर्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो.डॉ.सुभाष चन्द्र ने कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी संपत्तियों को कॉरपोरेटों के हवाले करने और शिक्षा-स्वास्थ्य के निजीकरण के जरिए बहुजनों को गरीबी-बदहाली में धकेला जा रहा है। डॉ.विलक्षण रविदास ने कहा कि संविधान व लोकतंत्र ने ही आजादी के बाद बहुजनों के लिए जीवन के तमाम क्षेत्रों में आगे बढ़ने का रास्ता खोला लेकिन,आज मनुवादी-पूंजीवादी शक्तियां संविधान व लोकतंत्र खत्म कर रही है।
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बहुजन संसद में 10 प्रतिशत ईडब्लूएस आरक्षण को रद्द करने, निजी क्षेत्र में आबादी के अनुपात में एससी-एसटी व ओबीसी आरक्षण लागू करने, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में कॉलेजियम सिस्टम खत्म कर राष्ट्रीय न्यायिक सेवा आयोग के जरिए एससी, एसटी व ओबीसी को आबादी के अनुपात में आरक्षण के साथ जजों की नियुक्ति करने, दलित मुसलमानों और ईसाईयों को एससी कैटेगरी और आदिवासी मुसलमानों को एसटी कैटेगरी में शामिल करने के साथ एससी और एसटी के आरक्षण का कोटा भी बढ़ाने, लोकसभा-राज्यसभा में पिछड़ों-अतिपिछड़ों को आबादी के अनुपात में आरक्षण देने, भूमिहीन बहुजनों को वास भूमि के साथ आवास के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने, जैसे सवालों पर आवाज बुलंद हुई।
दिल्ली से आए पत्रकार-लेखक डॉ.सिद्धार्थ रामू, गौतम कुमार प्रीतम, किरण देव यादव,गणेश दत्त कुशवाहा,अभय कुमार,राजा आभीर,अखिलेश रमण,नसीब रविदास,रौशन कुमार,गौरव पासवान,अनिल कुमार सिंह,पुरुषोत्तम कुमार,राजकमल,गोपाल कृष्ण,मधुसूदन,विकास सिंह जाटव,आशीष अनुपम,दीपक दीवान,मोनू कुमार अंबेडकर,सुधीर चन्द्र शास्त्री.ने अपनी बातें रखी।

