जदयू जिलाध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार भारती ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि महिला और आदिवासी होने के कारण भाजपा महामहिम राष्ट्रपति जी को राजनीतिक रूप से अछूत मानती है इसीलिए उन्हें नई संसद भवन के उद्घाटन समारोह से किनारा किया गया है ।
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बिहार भाजपा नेताओं द्वारा विधानमंडल के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल को नहीं बुलाए जाने वाले बयान पर जिला अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा है कि देश के महामहिम राष्ट्रपति जी के पद की तुलना राजपाल से करना भाजपा गिरते राजनीति का स्तर का एक उदाहरण है उन्होंने बताया कि राज्यपाल को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाता है परंतु देश के राष्ट्रपति का चुनाव होता है भाजपा नेताओं को यह अंतर समझाने की आवश्यकता है पुराने संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा के अलावा एक सेंट्रल हॉल भी था जहां महामहिम राष्ट्रपति जी संसद के संयुक्त सत्र को बुलाते थे लेकिन नई संसद भवन में सेंट्रल हॉल निर्माण नहीं किया जाना एक बड़ी साजिश और इशारे करता है भाजपा को इस विषय पर भी अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए।
नई संसद भवन के डिजाइन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि संसद भवन का त्रिकोण आकार भारतीय वास्तुकला के अनुरूप नहीं है वर्तमान के संसद भवन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विशेष ध्यान रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार द्वारा नवनिर्मित नए संसद भवन में इन सब बातों को तवज्जो नहीं दी गई। त्रिपुरारी कुमार भारती ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति जी का अपमान देश की समस्त महिलाओं और आदिवासियों का अपमान है ।भाजपा ने एक बार फिर जाहिर कर दिया कि वह महिला और आदिवासी विरोधी मानसिकता से ग्रसित है।

