नवगछिया तेतरी दुर्गा स्थान : यहां से कोई खाली नहीं जाता

नवगछिया । धर्मसंघ पीठ परिषद द्वारा तेतरी दुर्गा स्थान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन प्रवचन करते हुए प्रख्यात भागवत वक्ता और श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम के अध्यक्ष आचार्य (डॉ.) भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण एक दूसरे के इष्ट हैं। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण भी आशेश्वर, रासेश्वर, गोपेश्वर, गोपीश्वर, विश्वेश्वर आदि अनेक रूपों में भगवान शिव का दर्शन और पूजन करते हैं। भगवान विष्णु के हृदय भगवान शिव हैं और शिव के हृदय श्रीविष्णु। दोनों में रंचमात्र भी भेद नहीं है।

आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की वंशी भगवान रुद्र हैं और जीव मात्र को कृतार्थ करने के लिए हरि और हर एक साथ लीला करते हैं। इसी प्रकार रासलीला में भी हरिहर दोनों के दर्शन होते हैं और कन्दर्प के दर्प का दलन होता है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर गोपाल लोग नंद बाबा के नेतृत्व में अम्बिका वन में जाकर भगवान पशुपति गौरीशंकर की पूजा-अर्चना और अभिषेक करते हैं।

इस अवसर पर यजमान वशिष्ठ झा, अनिल, मुकेश सिंह, पप्पू झा, संजय जायसवाल, सुनील सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सर्वतोभद्र मण्डल के आवाहित देवताओं का पूजन-अर्चन किया। प्रयागराज से पधारे पं. संजय द्विवेदी ने समस्त कर्मकांड और मूल पाठ स्थानीय विद्वानों के साथ संपन्न किया। इस अवसर पर रमाकांत राय, रामविलास सिंह, अरुण राय, टुनटुन मास्टर, सुनील राय, मिथिलेश कुंवर, महंत जयप्रकाश झा सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने व्यासपीठ का पूजन किया।

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By न्यूज़ डेस्क

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