नवगछिया । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन प्रमंडल भागलपुर की ओर से शहर के सुंदरवन में ‘गरुड़ जागरूकता अभियान के तहत नवगछिया के ढोलबज्जा के आवासीय मॉडर्न इंग्लिश स्कूल के छात्र-छात्राओं को गरुड़ सेवा एवं पुनर्वास केंद्र का अवलोकन कराया गया। गरुड़ के संरक्षण के बारे में मंदार नेचर क्लब के संस्थापक अरविंद मिश्रा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। छात्रों को बिहार-झारखंड का एकमात्र कछुआ रेस्क्यू सेंटर भी दिखाया गया।
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2006 से गरुड़ संरक्षण के लिए कार्य करने वाले अरविंद मिश्रा ने बताया कि हमने गरुड़ को बचाने के लिए लोगों को गरुड़ पुराण से लेकर खेती तक में इसका महत्व समझाया है। हर टोले में ‘गरुड़ सेविअर, ‘गरुड़ गार्जियन और ‘गरुड़ सेविका जैसे सक्रिय सदस्य बनाए जो हमारे नेटवर्क की तरह काम करते हैं। कदवा के स्थानीय लोगों की मदद से अब यहां गरुड़ों की संख्या 600 से अधिक हो चुकी है। उनके इस कार्य में जय नंदन मंडल की बड़ी भूमिका रही है।
बिहार के वन्य जीव चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार ने छात्रों को बताया कि कदवा दियारा के इलाके में भोजन की पर्याप्त उपलब्धता व मौसम अनुकूल होने से यहां गरुड़ों की संख्या बढ़ रही है। दुनिया का एकमात्र गरुड़ का पुनर्वास केंद्र यहीं सुंदरवन में है। गरूड़ के संरक्षण के लिए भागलपुर के सुंदरवन में गरुड़ पुनर्वास केंद्र की स्थापना 2014 में की गई थी, जहां पेड़ से गिरकर घायल व अकारण बीमार गरुड़ों का इलाज किया जाता है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के शोधार्थी वर्तिका, अभय राय और सुष्मित ने पक्षियों के प्रवासी मार्गों और प्रवास से संबंधित वैज्ञानिक कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर पशु-पक्षी प्रेमी शिक्षक मुकेश चौधरी, गौरव सिन्हा, पर्यावरण प्रेमी वतन कुमार, पक्षी पालक मो. अख्तर, मो. मुमताज और मो. अरसद सहित वनरक्षी अनुराधा सिन्हा, वनरक्षी प्रियंका कुमारी, गरुड़ सेवियर्स प्रशांत कुमार कन्हैया, स्कूल के निदेशक कुमार रामानंद सागर, प्राचार्य शंभू कुमार सुमन, गरुड़ सेवियर्स दीपक कुमार, विनय कुमार, वरुण कुमार, सुकुमल कुमार सोनी सहित कई पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।
