नवगछिया : इन दिनों नवगछिया पुलिस जिला और मधेपुरा जिले के कोसी दियारा में अपराध का समीकरण यू टर्न ले रहा है. दियारा के पुराने व स्थापित दादाओं को उभर रहे नये नये अपराधियों द्वारा चुनौती मिल रही है. सूत्र बताते हैं कि इन दिनों बेलौरा और आस पास के दियारा इलाके में प्रभात यादव का गिरोह तेजी से अपना पांव पसार रहा है. बता दें कि प्रभास यादव पुलिस का वांछित भी रहा है. जानकारी मिली है कि महज एक साल में प्रभाष ने दियारा के बडे भूभाग पर अपना कब्जा बना लिया है. लोग कहते हैं कि बुल्लन दियारा में चंद एकड जमीन मालिक की सहमती पर खेती करता था. जो कि प्रभास यादव को नागवार गुजरा. बुल्लन को उसने पूर्व में भी अपना धंध समेट लेने को कहा था लेकिन बुल्लन ने इस चुनौती का सामना करने का निर्णय लिया. उसने अपने जंग लगे हथियारों को एक बार फिर से बाहर निकाला और दियारा में कुंडली मार कर बैठ गया. लेकिन बुल्लन को यह अंदाजा नहीं था कि यह समय उसकी पहलवानी का नहीं था. मालूम हो कि बुल्लन को दियारा के लोग बुल्लन पहलवान के रुप में जाना करते थे. विरोधी गुटों के सामने बुल्लन के जंग लगे हथियारों ने काम करना पूरी तरह से बंद कर दिया. कहा जा रहा है कि जब विरोधी गुटों ने बुल्लन पर हमला बोला तो बुल्लन के के गिरोह के सदस्यों के हथियार से गोली फायर तक नहीं पाया. यह भी कहा जा रहा है कि बुल्लन के गुट में ही विरोधी गुट का एक भेदिया भी था. इधर जानकारी मिली है कि प्रभाष यादव गिरोह का सीधा कनैक्शन इन दिनों संतलाल सिंह के गिरोह से था. संतलाल के गिरफ्तार हो जाने के बाद कोसी क्षेत्र के बडे भू भाग पर जोत आबाद करने की जिम्मेदारी प्रभाष यादव को मिली थी. जानकार कह रहे हैं कोसी में शुरू हुआ यह खूनी खेल अब रुकने वाला नहीं है. अगर पुलिस कोसी दियारा में चुस्त नहीं हुई तो हत्या दर हत्या की घटना से कोसी का रक्तरंजि होना स्वभाविक है.
By Rishav Mishra Krishna
न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....


