नवगछिया। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटाव से तटीय गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहे कटाव निरोधी कार्यों का गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल, कटिहार की विशेष टीम ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रंगरा चौक प्रखंड के ज्ञानीदास टोला में जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित फ्लड फाइटिंग योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।
अधिकारियों ने कार्यस्थल पर मौजूद इंजीनियरों और संवेदकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बोल्डर पिचिंग और जिओ बैग की गुणवत्ता जांची गई
निरीक्षण टीम ने कटाव निरोधी कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामग्रियों की बारीकी से जांच की। बोल्डर पिचिंग, जिओ बैग की भराई तथा एप्रन निर्माण की गुणवत्ता को परखा गया ताकि बाढ़ और कटाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

इस दौरान बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता ई. मनीष कुमार एवं कनीय अभियंता गुड्डू कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के सहायक अभियंता ई. अमितेश कुमार ने टीम को अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
मानसून को देखते हुए चौबीस घंटे निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि मानसून की शुरुआत हो चुकी है और गंगा नदी के जलस्तर में कभी भी वृद्धि हो सकती है। ऐसे में कटाव प्रभावित क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ सुरक्षा कार्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि नदी किनारे बसे गांवों और आबादी को सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि जहां कहीं भी बोल्डर पिचिंग कमजोर दिखाई दे, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए।
फ्लड फाइटिंग सामग्री का पर्याप्त भंडारण करने का निर्देश
गुणवत्ता नियंत्रण टीम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए फ्लड फाइटिंग सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और सुरक्षा कार्य शुरू किए जा सकें।
प्रशासन का कहना है कि गंगा तट पर चल रहे सभी सुरक्षात्मक कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और कटाव प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

