नवगछिया : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 14 और 15 अगस्त को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के दिन मन्दिरों में जगह-जगह झाकियॉ लगाई जाती है। रात 12 बजे तक व्रत रखकर जन्मोत्सव मनाने के बाद भगवान का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
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दूसरे दिन प्रातः यह महोत्सव मनाया जाता है। भगवान के ऊपर हल्दी, दही, घी, तेल आदि छिड़क कर आनन्द से पालने में झुलाया जाता है, कहा जाता है कि इस दिन उपवास करने से मनुष्य सात जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है।

ये होगा शुभ मुहूर्त, ये होगा समय
14 अगस्त को अष्टमी शाम 7.45 से शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम 5.39 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र रहित होगी। 15 अगस्त शाम 5.39 बजे के बाद रोहिणी नक्षत्र समाप्त होगा, इसलिए 14 अगस्त को ही भक्त उपवास रखें। भाद्रपद अष्टमी पर 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं वैष्णवजन सूर्योदय तिथि अष्टमी वाले दिन यानि 15 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे।

