खरीक। राघोपुर जमींदारी तटबंध पर मंगलवार सुबह गंगा का कटाव अचानक और तेज हो गया। तेज धारा के दबाव में करीब सौ साल पुराने चैती दुर्गा मंदिर का बड़ा हिस्सा गंगा में समा गया। देखते ही देखते इलाके का यह प्रमुख धार्मिक स्थल गंगा की लहरों में विलीन हो गया। मंदिर के कटाव की चपेट में आने के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है।

ग्रामीणों अखिलेश मंडल, सुषमा देवी, राजीव मंडल, कोको मंडल और मंटू मंडल ने बताया कि मंदिर को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से कई प्रयास किए गए थे। इसके बावजूद गंगा की तेज धारा और लगातार बढ़ते कटाव के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।

ग्रामीणों ने मंदिर के गंगा में समाने को क्षेत्र की वर्षों पुरानी धार्मिक विरासत के लिए बड़ा नुकसान बताया है। उनका कहना है कि मंदिर से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई थी।

कई दिनों से गंभीर था कटाव

ग्रामीणों के अनुसार, राघोपुर जमींदारी तटबंध के समीप कटाव की स्थिति पिछले कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी। उनका आरोप है कि यदि शुरुआती दौर में ही बड़े पैमाने पर कटावरोधी कार्य शुरू कर दिए जाते तो शायद मंदिर को बचाया जा सकता था।

जल संसाधन विभाग की ओर से बचाव के प्रयास किए गए, लेकिन गंगा की धारा का दबाव और कटाव की रफ्तार इतनी अधिक थी कि ऐतिहासिक मंदिर का बड़ा हिस्सा सुरक्षित नहीं रह सका।

अब रेलवे लाइन और घरों पर खतरा

मंदिर के कटाव की चपेट में आने के बाद अब रेलवे लाइन, घाट और आसपास की आबादी पर भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा की धारा का दबाव इसी तरह बना रहा तो कटाव तेजी से आवासीय क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है।

इससे आसपास रहने वाले लोगों के घरों के साथ-साथ रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य की मांग की

ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है। उन्होंने विशेषज्ञ अभियंताओं की निगरानी में स्थायी और प्रभावी कटावरोधी उपाय किए जाने पर जोर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि चैती दुर्गा मंदिर अब गंगा में समा चुका है, लेकिन रेलवे लाइन और आबादी को बचाने का समय अभी भी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कटाव और भयावह रूप ले सकता है।

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By न्यूज़ डेस्क

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