This Article is From May 15, 2025 बिहार में सड़क पर मक्का सुखा रहे किसान, गाड़ीवालों की जानें क्यों सूख रही जान बिहार में सड़कों पर इन दिनों मक्का सुखाए (Bihar Maize Drying) जाने की वजह से एनएच-327 ई समेत कई सड़कें संकरी हो गई हैं. बड़े-बड़े वाहनों को इसकी वजह से ठीक से रास्ता नहीं मिल पा रहा है. प्रशासन किसानों को कई बार चेतावनी भी दे चुका है. लेकिन किसान हैं कि सुनते ही नहीं. Reported by: Shyam kumar ram Written by: श्वेता गुप्ता बिहार मई 15, 2025 13:48 pm IST Published On मई 15, 2025 12:56 pm IST Last Updated On मई 15, 2025 13:48 pm IST Read Time: 3 mins trusted source Share Twitter WhatsApp Facebook Reddit Email बिहार में सड़क पर मक्का सुखा रहे किसान, गाड़ीवालों की जानें क्यों सूख रही जान सड़क पर मक्का सुखाने वालों पर सख्त

नवगछिया: नवगछिया में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) तथा आसपास की ग्रामीण सड़कों पर इन दिनों एक गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। मकई की कटाई के बाद किसान फसल को सुखाने के लिए सड़कों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।


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सड़क पर फैली मकई से यातायात प्रभावित

क्षेत्र के कई गांवों और सड़क मार्गों पर किसानों द्वारा सड़क के एक हिस्से में मकई फैलाकर सुखाई जा रही है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों को संकरी जगह से गुजरना पड़ता है। खासकर व्यस्त मार्गों पर यह स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

दोपहिया वाहन चालकों पर सबसे ज्यादा खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बिखरे मकई के दाने बाइक और स्कूटी सवारों के लिए सबसे अधिक जोखिम पैदा कर रहे हैं। दानों पर वाहन का पहिया फिसलने से चालक संतुलन खो सकता है, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती है। बुजुर्गों, महिलाओं और युवा दोपहिया चालकों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है।

रात के समय बढ़ जाती है समस्या

ग्रामीणों के अनुसार रात में सड़क पर फैली मकई आसानी से दिखाई नहीं देती। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहन चालक अचानक फसल देखकर ब्रेक लगाने को मजबूर हो जाते हैं। इससे टक्कर और अन्य सड़क हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

किसानों की मजबूरी भी समझने की जरूरत

ग्रामीणों का कहना है कि कई किसानों के पास फसल सुखाने के लिए पर्याप्त खुली और सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं है। इसी कारण वे मजबूरी में सड़क का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यह व्यवस्था किसानों के लिए सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़कों पर फसल सुखाने पर रोक लगाने तथा किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों की उपज सुरक्षित रखने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

जागरूकता और व्यवस्था दोनों जरूरी

लोगों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। किसानों को भी सार्वजनिक सड़कों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सड़क पर फैली मकई किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

By न्यूज़ डेस्क

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