नवगछिया में फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर महिलाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इसे साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई से साइबर ठगों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
एसपी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की मेहनत की कमाई लूटने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क, इसके मास्टरमाइंड, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और लेन-देन में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचेगी।
पुलिस की साइबर टीम तकनीकी अनुसंधान, डिजिटल ट्रैकिंग और साइबर इंटेलिजेंस के माध्यम से लगातार अपराधियों पर नजर रख रही है। इसी के आधार पर सहरसा और मधेपुरा में छिपे अपराधियों तक पुलिस पहुंचने में सफल रही। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि गिरोह ने कई जिलों में महिलाओं को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की है।

एसपी ने बताया कि साइबर अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस बल को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साइबर थाना और विशेष टीमों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है ताकि अपराधियों के डिजिटल नेटवर्क को प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सके।
एसपी वैभव शर्मा ने कहा कि गरीब महिलाओं और आम लोगों को झूठे लोन, फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन ऑफरों के नाम पर ठगने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नवगछिया पुलिस अब अपराधियों के पीछे नहीं, बल्कि उनसे एक कदम आगे चल रही है।

