नवगछिया में मनरेगा योजनाओं में 59.48 लाख की संदिग्ध निकासी, तीन कर्मियों पर FIR
एक ही जमीन की तस्वीरें अलग-अलग लाभुकों के नाम पर अपलोड करने का आरोप, 22 योजनाओं की जांच का दायरा बढ़ा
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नवगछिया। नवगछिया में मनरेगा योजनाओं के तहत सरकारी राशि की संदिग्ध निकासी और कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की शुरुआती जांच में दो पशु शेड योजनाओं में गड़बड़ी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब 22 योजनाओं में कुल 59,48,024 रुपये की संदिग्ध निकासी की पड़ताल की जा रही है। मामले में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रवि राकेश के आदेश पर नवगछिया थाने में तीन कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्राथमिकी में पंचायत रोजगार सेवक मो. आबिद आलम, कनीय अभियंता अनीत और पंचायत तकनीकी सहायक कुमार शशि रौशन को आरोपित किया गया है। जांच में योजनाओं की वास्तविक स्थिति, सरकारी राशि के इस्तेमाल और संभावित अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही है।

एक ही जमीन की तस्वीरें अलग-अलग लाभुकों के नाम पर अपलोड करने का आरोप
मामले का खुलासा तब हुआ, जब ग्रामीणों ने ग्राम पोर्टल पर मनरेगा योजनाओं से संबंधित जानकारी देखी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ योजनाओं में वास्तविक काम कराए बिना ही सरकारी राशि की निकासी की गई। आरोप यह भी है कि एक ही जमीन की तस्वीरों को अलग-अलग लाभुकों के नाम पर अपलोड कर योजनाओं को पूरा दिखाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित योजनाओं के लाभुकों को राशि देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर पैसे नहीं मिले। इसके बाद योजनाओं में गड़बड़ी और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका गहराने लगी।
22 योजनाओं में निकासी की जांच, कई कार्यों पर सवाल
जांच के दायरे में पशु शेड निर्माण के अलावा बांध, नहर मरम्मत और सड़क निर्माण जैसी योजनाएं भी हैं। कुल 22 योजनाओं में 59.48 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध निकासी सामने आने के बाद प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि किन योजनाओं में वास्तव में काम हुआ और किनमें अनियमितता की गई।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा कि सरकारी राशि की निकासी में किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
