नवगछिया : नवगछिया में बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं के बीच नवगछिया पुलिस जिला समाप्त करने की कवायत शुरू होने से लोगों में काफी आक्रोश है. सोमवार को नवगछिया बार एसोशिएशन संघ के अधिवक्ताओ ने रोष प्रकट करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।अधिवक्ताओ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गंगा एवं कोसी के बीच में अवस्थित नवगछिया में 1954 में ही डीएसपी की पदस्थापना किया गया था. 1992 में हुए नरसंहार के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद द्वारा पुलिस जिला का दर्जा दिया गया।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

इसके बाबजूद यहाँ 13 दिनों में 09 हत्याऐ हो रही है. जिसकी जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन को ठहराया है. विज्ञप्ति में कहा है कि सिपाही से पदोन्नति प्राप्त करने वाले दरोगा बिहपुर जैसे थाने का स्थानीय पुलिस पदाधिकारी द्वारा प्रभारी बना दिया गया था. जो अवैध काम करने वाले लोगों को संरक्षण देता था।ऐसा कार्य करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने के बदले पुलिस जिला को खत्म करने पर तुली है.

आइपीएस पुलिस पदाधिकारी यहाँ माँग करते हुए विज्ञप्ति में कहा है कि यहाँ बैठे एसपी अपराध पर लगाम लगाने में असमर्थ है तो भागलपुर में बैठकर एसपी नवगछिया और कहलगाव को कैसे अपराध मुक्त कर पाएगा.

अधिवक्ताओ ने कहा कि हमलोगों की माँगो पर सरकार ध्यान नहीं देगी तो स्थानीय जनता के साथ उग्र आंदोलन को विवश हो जाएंगे. इस मौके पर उपाध्यक्ष नीरज कुमार झा, सत्येन्द्र नारायण सिंह कौशल, रामजी पौद्दार, नंदलाल यादव, बबीता कुमारी, अजीत कुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह, राकेश कुमार चौधरी आदि अधिवक्ता मौजूद थे.

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet