नवगछिया : मिलिए इंटरमीडिएट पास इस किशोर वैज्ञानिक गोपाल जी से, मात्र 17 साल के इस वैज्ञानिक को अब तक दो आविष्कारों के पेटेंट मिल चुके हैं।

नवगछिया (खरीक) ध्रुवगंज के निवासी गोपाल जी मात्र 17 साल का है। 2017 में इंटरमीडिएट पास करने वाले किशोर वैज्ञानिक ने 10वीं की परीक्षा देने के पहले ही केले के थंब(तना) से बिजली पैदा करने का एक नया आविष्कार किया। इसके लिए उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। इस आविष्कार को पेटेंट मिल चुका है।

आविष्कार से खुश प्रधानमंत्री ने गोपाल को अहमदाबाद स्थित नेशनल इनोवेटिव फाउंडेशन में भेजा है, जहां पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सबसे युवा रिसर्च स्कॉलर के रूप में गोपाल जी काम कर रहे हैं। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी शोध करने के प्रस्ताव मिले हैं।

सिर्फ यही नहीं इसने रद्दी कागजात और कार्टन आदि से भी बिजली बनाने का आविष्कार किया है। इसे आविष्कार को भी पेटेंट किया गया है। गोपालजी ने बताया कि उसने एक ऐसा पाउडर बनाया है जो शरीर पर लगा लेने से 4000 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान सहने की क्षमता हो जाएगी। इसपर काम चल रहा है।

कंपनियों ने आविष्कार को खरीदने के दिए ऑफर

इस युवा वैज्ञानिक के दोनों आविष्कार जो पेटेंट हुए हैं को कुछ विदेशी कंपनियों ने खरीदने का ऑफर दिया। जिसके लिए बड़ी राशि देने का ऑफर भी दिया गया। लेकिन गोपालजी ने अपने आविष्कार को विदेशी कंपनियों को सौंपने से मना कर दिया। गोपालजी ने कहा कि वह अपने आविष्कार को अपने देश के लिए ही उपयोग करेंगे।

किसान का बेटा है गोपालजी

गोपालजी के पिता प्रेमरंजन कुमार 10 कट्ठा खेत में खेती कर पूरा परिवार चलाते हैं। उनकी मां ऊषा देवी अपने बेटे के इस आविष्कार से काफी खुश हैं। दो बड़ी बहन मीनू कुमारी और अन्नू कुमारी के बाद तीसरे नंबर पर गोपालजी हैं। उसने तुलसीपुर के मॉडल हाईस्कूल से 2015 में 85 फीसदी से मैट्रिक की परीक्षा पास की। वहीं उसी स्कूल से 2017 में 75 फीसदी से इंटर की परीक्षा पास की।

बन रहा है डॉक्यूमेंट्री

गोपाल के ऊपर डिस्कवरी चैनल, सीएनएन और हिस्ट्री चैनल जैसे अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म बना रही है। इस डॉक्यूमेंट्री को इन चैनलों पर दिखाया जाएगा।

ऐसे हुआ आविष्कार

गोपालजी के किसान पिता के साथ खेत जाता था। 2008 में बाढ़ में केला की खेती को काफी नुकसान हुआ। इसके बाद उसने ठान लिया कि केला के सभी बर्बाद होने वाले थंब से वह जरूर कुछ बनाएगा। बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान को पूरा किया जा सके। उसने देखा कि केला के थंब का रस लग जाने से भी दाग लग जाता है। गोपालजी ने सोचा कि केला के थंब में भी एसिड का गुण है। इसी दौरान उसने पढ़ा कि एसिड का एलेक्ट्रोलाइसिस कर चार्ज पैदा किया जाता है। वह स्कूल से वोल्ट मीटर और इलेक्ट्रोड लाया और केला के थंब पर यह प्रयोग किया तो उससे चार्ज बना जो बिजली पैदा कर सकती थी। उसके इस प्रयोग को राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता पर पुरस्कृत किया गया। उसे 2014 में इंस्पायर अवार्ड भी मिला। उससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुलाकात की। उन्होंने काफी सहयोग किया

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By न्यूज़ डेस्क

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