IMG_20160804_10517

Whatsapp group Join

नवगछिया : कुछ भी पहले से तय नहीं था. न कोई ताम झाम न मीडिया कर्मियों को कोई सूचना और न ही पार्टी के वरीय पदाधिकारियों को कोई जानकारी. नवगछिया के बिहपुर गोविंदपुर मुसहरी गांव में भाजपा के पूर्व विधायक इ. कुमार शैलेंद्र बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने पहुंचे थे. लेकिन पीड़ितों का दर्द सुनते सुनते विधायक ने एका एक आमरण अनशन का निर्णय ले लिया और अनशन पर बैठ भी गये. मालूम हो कि कोसी तटीय गोविंदपुर मुसहरी बिहपुर का सुदूरतम गांव है. यह गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कटा है. ऐसे में बाढ़ की विभीषिका ने ग्रामीणों की जिंदगी को बदहाल कर दिया है. अनशन पर बैठे पूर्व विधायक ने कहा कि वे ग्यारह दिनों बाद अपने क्षेत्र में लौटे तो अखबार के माध्यम से मुसहरी गांव के हालात से अवगत हो कर गांव पाड़ितों का बाल चाल जानने मुसहरी गांव पहुंचे तो पता चला कि हरेक घर में पानी है. लोगों को खाने के लाले है. अधिकांश लोग दिन रात मकइ का भुज्जा खा कर दिन काट रहे हैं. पेय जल शौचालय की भी व्यवस्था नहीं. पूरे गांव में जल जमाव के कारण दुर्गंध युक्त माहौल था. श्री शैलेंद्र नो कहा कि उनसे न रहा गया और वे उसी वक्त अनशन का निर्णय ले लिये और अनशन पर बैठ भी गये. शैलेंद्र ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार महादलित प्रेम का रागालाप करती है लेकिन मुसहरी में कहां गया सरकार का दलित प्रेम. सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है. दलित लोगों के प्रति सरकार कहां तक संजीदगी रखती है मुसहरी इसका उदाहरण है. सरकार के पदीधिकारी भी महदलितों से बेरूखी कर रहे हैं. यह नहीं चलेगा. उचित सहायता और समुचित व्यवस्था तो करना ही होगा. देर शाम तक अनशन स्थल पर किसी भी पदाधिकारी के आने की सूचना नहीं थी. इधर नवगछिया में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं विनोद कुमार मंडल, चंद्रकिशोर शर्मा व अन्य नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि अगर शुक्रवार तक प्रशासनिक स्तर से पीड़ितों के लिये समुचित राहत और सहायता नहीं पहुंचाया जायेगा तो वे लोग नवगछिया अनुमंडल परिसर में धरना पर बैठ जायेंगे.

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *