निरीक्षण के दौरान संवेदक व अभियंताओं को लगाई फटकार, गुणवत्ता और रफ्तार सुधारने का निर्देश
नवगछिया: नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र के इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर चल रहे कटाव रोधी कार्यों को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। गुरुवार को मुख्य अभियंता अनवर जमील ने तटबंध का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित संवेदक और अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधीक्षण अभियंता सुबोध कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों की टीम ने तटबंध पर चल रहे कटाव निरोधी कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। मौके पर कार्य की सुस्त रफ्तार और कथित लापरवाही देखकर मुख्य अभियंता ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की कार्यशैली किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए और तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ इसे पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

करीब 100 करोड़ की योजना, फिर भी उठ रहे गुणवत्ता पर सवाल
गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग द्वारा इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से कटाव रोधी कार्य कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सीट पाइलिंग और बोल्डर क्रेटिंग जैसे बड़े पैमाने के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि गंगा के कटाव से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
हालांकि, इस परियोजना की गुणवत्ता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। कुछ दिन पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने भी निरीक्षण के दौरान सीट पाइलिंग में इस्तेमाल हो रहे लोहे की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसे मानक के अनुरूप नहीं बताते हुए सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई थी।
हाईकोर्ट अधिवक्ता ने रखी अतिरिक्त सुरक्षा कार्यों की मांग
निरीक्षण के दौरान हाईकोर्ट अधिवक्ता मुकेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंगा के दूसरी ओर सोल कटिंग और बांस बंडलिंग जैसे अतिरिक्त सुरक्षा कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इन कार्यों के बिना तटबंध की मजबूती अधूरी रहेगी और भविष्य में कटाव का खतरा बना रह सकता है।
हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है परियोजना
इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए बाढ़ और कटाव से सुरक्षा का मुख्य आधार है। हर वर्ष गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण यह इलाका प्रभावित होता रहा है। ऐसे में इस परियोजना का समय पर और गुणवत्तापूर्ण पूरा होना अत्यंत जरूरी माना जा रहा है।
मुख्य अभियंता के सख्त रुख के बाद बढ़ी हलचल
मुख्य अभियंता के सख्त रुख के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि कार्य में न केवल तेजी आएगी, बल्कि गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों का भी जल्द समाधान होगा।

