नवगछिया : रस्सी से गला घोंट कर बदमाशों ने एक युवक की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बहियार में फेंक दिया। घटना मंगलवार की रात नवगछिया थाना क्षेत्र के नगरह गांव के समीप पोठिया बहियार की है। जहां इसी गांव के स्व. दीनबंधु दास के पुत्र कृष्ण कुमार उर्फ किशन (19 वर्ष) की हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह कुछ लोग खेतों में काम करने पहुंचे तो युवक का शव देखा। इसके बाद पुलिस और परिजनों को इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की।
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युवक के गले पर रस्सी के निशान था। एक घंटे बाद नवगछिया थानाध्यक्ष भरत भूषण पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। मृतक की भाभी नीलम देवी और भतीजा कौशल कुमार ने पुलिस को बताया कि कृष्ण मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो हमने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। उसकी हत्या किसने और क्यों की, यह हमारे समझ से परे है। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। थानाध्यक्ष भरत भूषण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
15 साल पहले पिता और 5 वर्ष पहले भाई की हुई थी हत्या
2006 में 2 कट्ठा जमीन के विवाद में युवक के पिता दीनबंधु दास की अपराधियों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2016 में उसके बड़े भाई विकास मित्र कन्हैया दास उर्फ बबलू की भी अपराधियों ने धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी थी। इधर, कृष्ण कुमार की हत्या के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चा है।

नीलम देवी और भतीजा कौशल कुमार ने पुलिस को बताया कि कृष्ण मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो हमने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। उसकी हत्या किसने और क्यों की, यह हमारे समझ से परे है। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। थानाध्यक्ष भरत भूषण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कृष्ण की हत्या के बाद ग्रामीणों में दहशत, पुलिस को कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं
कृष्ण की हत्या के बाद नगरह के ग्रामीणों में दहशत है। बहियार से शव को सड़क तक लाने के लिए किसी ने साथ नहीं दिया। चौकीदार ने मृतक के भतीजा कौशल, उसकी बहन गिरजा देवी व चचेरे भाई के सहयोग से शव को सड़क तक लेकर आया। मृतक की भाभी नीलम देवी ने बताया कि वह परसों ही अपनी बहन की ससुराल गुलाब बाग से आई है। कृष्ण को इधर-उधर घूमने पर रोकती थी तो वह गाली-गलौज करने लगता था।
