केसों के अनुसंधान और विधि-व्यवस्था ड्यूटी को थाना स्तर पर अलग करने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने दोनों विंग के लिए पहले से ही जिले में 107 दारोगा और 93 जमादार का का पद सृजित कर दिया है। इसके बाद थाना स्तर पर संसाधन को बढ़ाया जा रहा है। थानों में अब से उक्त दोनों काम के लिए अलग-अलग चार पहिया गाड़ी रहेगी।
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फिलहाल दोनों काम के लिए थाने में एक ही गाड़ी है। एसएसपी आशीष भारती ने 35 नई गाड़ियों का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। मुख्यालय स्तर से गाड़ियों को खरीद होगी और उसके बाद जिलों को उसे आवंटित किया जाएगा। जब मुख्यालय स्तर से गाड़ियों की खरीदारी नहीं होती है, तब तक थाना स्तर से किराए पर एक और गाड़ी लेकर उसे चलवाया जाएगा। इस संबंध में एसएसपी ने मुख्यालय ने मार्ग दर्शन मांगा है।


छह पुरानी गाड़ियों को बदलने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। यानी कुल मिला कर अब पुलिसकर्मियों को ठेलको जीप से राहत मिलने वाली है। बता दें कि जिले के कई ओपी में पुरानी गाड़ियां मिली है, जो ज्यादा ईंधन भी पीते हैं। जबकि हर थाने को ईंधन निर्धारित है। माइलेज कम होने के कारण महीना खत्म होने के पहले ही ईंधन खत्म हो जाता है। तिलकामांझी, जोगसर, बरारी जैसे ओपी का क्षेत्र बढ़ा है, लेकिन गाड़ी एक-एक ही है। ऐसे में सही तरीके से पुलिसिंग नहीं हो पाता है।

