जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ जवानों की बस के विस्फोट की चपेट में आ जाने से कम से कम 18 जवान शहीद हो गये. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है. हताहतों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है.

आईईडी विस्फोट में कई लोग घायल हो गये. धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जिले के अवंतिपुरा इलाके में श्रीनगर जम्मू राजमार्ग पर यह आईईडी विस्फोट हुआ. खबर है कि नेशनल हाइवे पर आतंकवादियों ने सेना के काफिले पर हमला किया. हमले के बाद नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया है.

* CRPF के 54 बटालियन पर जैश ने किया हमला
खबर है कि जैश ए मोहम्‍मद ने गुरुवार को सेना के54 बटालियन पर आतंकी हमला किया. आतंकवादियों ने हमले की पहले से ही तैयारी कर ली थी. जैसे ही सेना का काफिला हाइवे पर पहुंची, आतंकवादियों ने गोलीबारी की और ब्‍लास्‍ट भी किया. ऐसी जानकारी मिल रही है कि काफिले में करीब 2500 जवान शामिल थे.

* CRPF ने आतंकी हमला बताया
आतंकी हमले के बाद CRPF की तरफ से पहला बयान आया है. अधिकारी ने बताया यह आतंकी हमला था. अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि हमले के पीछे किसका हाथ है.

* उरी के बाद दूसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला
उरी में हुए आतंकी हमले के बाद पुलवामा के अवंतिपुरा में हुए आतंकी हमले की दूसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है. 2019 में इतनी बड़ी आतंकी हमला पहली बार हुई है. मालूम हो जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी में आतंकवादियों ने 18 सितंबर 2016 को सैन्‍य मुख्‍यालय पर हमला किया था, जिसमें 18 जवान शहीद हो गये थे.

गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर के बड़गाम जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए. पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, बड़गाम जिले में चादूरा के गोपालपुरा इलाके में विश्वसनीय सूचना के आधार पर मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया.उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की.

सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दो आतंकवादी मारे गए. प्रवक्ता ने बताया की उनकी पहचान हिलाल अहमद वानी और सोहैब मोहम्मद लोन उर्फ मुरसी के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि हथियार और गोला बारुद समेत संदेहास्पद सामग्री भी बरामद हुई है. प्रवक्ता ने कहा, मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला बारुद समेत संदेहास्पद सामग्री बरामद की गई है.

अधिकारी ने कहा कि पुलिस दस्तावेज के मुताबिक दोनों आतंकवादी हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हुए थे. उन्होंने कहा, दोनों कई आतंकवादी अपराधों में संलिप्तता के मामले में वांछित थे जिनमें सुरक्षा बलों के शिविरों पर हमले और नागरिकों का उत्पीड़न शामिल है. वानी का आतंकवादी कृत्यों का लंबा इतिहास रहा है और वह आतंकवाद के कई मामलों में संलिप्त था.

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By न्यूज़ डेस्क

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