खगड़िया। श्रीकृष्ण सेतु के लोकार्पण के बाद अब सबकी नजर अगुवानी- सुल्तानगंज महासेतु पर टिकी हुई है। इस वर्ष के श्रावण तक इसके चालू हो जाने के आसार हैं। श्रीकृष्ण सेतु पर आवागमन चालू होने से खगड़िया-मुंगेर अब एक हो गया है। उसी तरह गंगा नदी पर बनने वाले अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु के निर्माण बाद खगड़िया-भागलपुर एक हो जाएगा।
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दूध का नगर खगड़िया सिल्क सिटी भागलपुर से सीधा जुड़ जाएगा। हालांकि अब तक महासेतु निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, न ही एप्रोच पथ ही बन पाया है। लेकिन निर्माण कंपनी एसपी सिंगला के अनुसार अगस्त तक अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु बनकर तैयार हो जाएगा। एप्रोच पथ निर्माण कार्य भी चल रहा है। लेकिन एप्रोच पथ की गति धीमी है। इससे बनने में लंबा समय लग सकता है। हालांकि एप्रोच पथ के अवरोध को दूर कर लिया गया है। महासेतु के तैयार हो जाने से उम्मीद है कि इस सावन में कांवरियों को नाव की सवारी नहीं करनी होगी। वे सड़क मार्ग से ही सुल्तानगंज पहुंचेंगे और वहां से जल भरकर देवघर रवाना होंगे।
एसपी सिंगला के अधिकारियों ने बताया कि महासेतु के सभी पिलरों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। छत की ढलाई हो रही है। कुल 3160 मीटर में छत की ढलाई होनी है। 2100 मीटर में ढलाई हो चुकी है। 960 मीटर में ढलाई का कार्य चल रह है। महासेतु की लंबाई करीब 3,160 किलोमीटर है। जबकि एप्रोच पथ की लंबाई 25 किलोमीटर है। निर्माण कंपनी एसपी सिंगला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक कुमार झा ने बताया कि अगस्त 22 तक पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। परंतु, एप्रोच पथ निर्माण में देर लगेगा। महासेतु का छत ढलाई कार्य तीव्र गति से चल रहा है।

