कोसी व बागमती नदी के संगम पर पर बना बीपी मंडल सेतु यानि डुमरी पुल का उद्घाटन 19 दिसंबर को सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव करेंगे।
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नवनिर्मित पुल को नया लुक देने का कार्य अंतिम चरण में है। पेटिंग का कार्य युद्घस्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए कार्य एजेंसी की ओर से 12 से ज्यादा पेंटर को नए एवं पुराने बने पुल की पेटिंग करने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। कार्य एजेंसी के द्वारा पुल निर्माण के क्रम में लगाए गए सभी जुगाड़ को पूरी तरह खोल लिया गया है।
डुमरी पुल पर होगी रोशनी की व्यवस्था
पहली बार डुमरी पुल पर रौशनी की समुचित व्यवस्था होगी। इसके पूर्व क्षतिग्रस्त पुल पर रात्रि में रोशनी की व्यवस्था संभव नही हो पाई थी। एनएच के अभियंता ने बिजली विभाग से आवश्यक पत्राचार कर पुल पर उद्घाटन के पूर्व विद्युतीकरण कार्य पूरा करने की मांग की है। कार्य एजेंसी के द्वारा पुल को 19 दिसंबर के पूर्व पूरी तरह पेंटिग कर पथ निर्माण मंत्री के द्वारा उद्घाटन के लिए तैयार किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक पुल के नए एवं पुराने भागों को रंग कर पुल को नए लुक में दिखाने का कार्य जारी है। उल्लेखनीय है कि पुल के बीच के आठ पाये को तोड़कर दो पाये एवं चार पायलन के सहारे बनाया गया है। इसमें एक पायलन के दोनों ओर सात सात एचईपी वायर सहित छप्पन वायर के सहारे पुल को झुले के समान बनाया गया है।

एनएच के कार्यपालक अभियंता उमाशंकर प्रसाद ने पुल उद्घाटन की तिथि निर्धारित कर दिए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तर से सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव द्वारा 19 दिसंबर को पुल उद्घाटन की तिथि निर्धारित की गई है।
पुल के मरम्मत में लग गए चार साल
कोसी नदी पर बने बीपी मंडल पुल को तोड़ कर बनाने में कार्य एजेंसी को पूरे चार साल लग गये। मरम्मत के बाद दो पहिया और पैदल आवाजाही लगभग साढ़े तीन वर्ष के बाद बीते 24 सितंबर से शुरू है। जबकि चार पहिया सहित बड़े वाहनों के आवाजाही के लिए इंतजार है। 19 और 20 नवंबर को लगभग आठ घंटे तक ट्रायल के रुप में चार पहिया वाहनों का आवागमन करवाया गया था। बता दें कि नवंबर 2014 में क्षतिग्रस्त डुमरी पुल निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली कार्य एजेंसी ने नवंबर माह के दूसरे पखवाड़े में कार्य शुरु किया था।
