मार्च महीने में चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होने वाली है. चैत्र नवरात्रि 22 मार्च को शुरू होगी और 30 मार्च को रामनवमी पर नवरात्रि के नौ दिनों का समापन हो जाएगा. नवरात्रि के नौ दिनों मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है. मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों मां दुर्गा धरती पर आती है. चैत्र नवरात्रि में चैत्र माह की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को माता का धरती पर आगमन होता है. शास्त्रों में मां दुर्गा के आगमन की सवारी के बारे में भी बताया गया है. इस बार नवरात्रि पर मां दुर्गा का नौका पर आगमन होगा. देवी भागवत पुराण में दिनों के हिसाब से माता की सवारी के बारे में बताया गया है. तो चलिए मां दुर्गा की सवारी के बारे में जानते हैं.
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ऐसे तय होती है मां दुर्गा की सवारी
सप्ताह के दिनों के अनुसार, माता दुर्गा के वाहन का पता चलता है. देवी भागवत पुराण में एक श्लोक में “शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥” में वर्णन किया गया है. इस श्लोक का अर्थ है कि सू्र्य यानि रविवार और शशि यानि चंद्रमा मतलब सोमवार को नवरात्रि की शुरूआत होती है तो मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है. इसी प्रकार सभी दिनों के लिए मां दुर्गा के वाहन के बारे में बताया गया है. शनिवार और मंगलवार के दिन मां दुर्गा का वाहन घोड़ा होता है. गुरुवार और शुक्रवार को मां का आगमन डोली पर होता है और बुधवार को नौका पर आगमन होता है.
चैत्र नवरात्रि 2023 मां दुर्गा आगमन सवारी
चैत्र माह में नवरात्रि की शुरूआत बुधवार को हो रही है. ऐसे में देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन नौका पर होगा. नौका पर मां दुर्गा का आगमन बहुत ही शुभ होता है. नौका पर मां के आगमन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. नवरात्रि में विधि-विधान से माता की पूजा करने से भक्तों को हर कार्य में सफलता मिलती है.

मां दुर्गा प्रस्थान सवारी
नवरात्रि के दिनों में जिस प्रकार मां के आगमन की सवारी होती है वैसे ही मां के विदा होने के दिन के अनुसार मां की प्रस्थान की भी सवारी होती है. चैत्र माह के नवरात्रि का समापन गुरुवार के दिन हो रहा है ऐसे में इस दिन मां दुर्गा का प्रस्थान हाथी पर होगा. हाथी पर प्रस्थान होने को भी शुभ संकेत माना जाता है. हाथी पर प्रस्थान का अर्थ है कि इस समय अच्छी बारिश होने के आसार है. चैत्र नवरात्रि लोगों के लिए बहुत ही शुभ रहने वाली है क्योंकि मां दुर्गा का नौका पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान करना दोनों ही शुभ माना जाता है.
नवरात्रि में देवी मां के इन नौ रूपों की होती है पूजा
22 मार्च — मां शैलपुत्री
23 मार्च — मां ब्रहृमचारिणी
24 मार्च — मां चंद्रघंटा
25 मार्च — मां कूष्मांणा
26 मार्च — मां स्कंद माता
27 मार्च — मां कात्यायनी
28 मार्च — मां कालरात्रि
29 मार्च — मां महागौरी
30 मार्च — मां सिद्धिदात्री
