पहले मुर्गी आई या पहले अंडा पर तो बहस काफी समय से चल रही है। इसके बाद अब शाकाहारी और मांसाहारी अंड पर बहस जारी है। कई लोगों के मन में यह बात आ रही है कि क्या अंडा भी शाकाहारी और मांसाहारी हो सकता है। तो इसका जवाब है हां…अंडा शाकाहारी और मांसाहारी होता है। क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र भागलपुर की निदेशक डॉ. अंजली ने बताया कि बिना मुर्गे के मुर्गी जो अंडा देती है। इसको टेबल परपस या शाकाहारी अंडा कहते हैं। वहीं मुर्गी के अंडा देने का नेचुरल क्रम है। उस मुर्गी में आगे बच्चा उत्पादन करने के लिए इनक्वेटर हेचरीज का यूज करते हैं। उस कंडीशन में 10 मुर्गी पर 1 मुर्गा डालते हैं। उस केज में जो भी अंडा होगा वह फर्टिलाइज अंडा होगा। इसे नन वेजीटेरियन अंडा कहेंगे। क्योंकि मुर्गी मुर्गा के संपर्क में आने के बाद फर्टिलाइजेशन से अंडा देती है।

टेबल परपस में लाइट से शाकाहारी और मांसाहारी अंडे का दिखता है फर्क

डॉक्टर अंजली ने बताया कि टेबल परपस एक ऐसी विधि है, जिसके सहारे हम लोग शाकाहारी और मांसाहारी अंडे में फर्क करते हैं। टेबल परपस में अंडे को एक टेबल पर बने खाने में रखा जाता है। इसके बाद बंद कमरे में एक बल्ब उस टेबल के नीचे जलाते हैं। बल्ब की रोशनी को एक-एक अंडे के नीचे से गुजारी जाती है। इसमें रोशनी जिस अंडे के आर-पार हो जाती है या कहें कि जो अंडा पूरी तरह से लाल दिखता है, वह शाकाहारी अंडा होता है। वहीं मांसाहारी या जिस अंडे से चूजे बन सकते हैं वह पूरी तरह से लाल नहीं दिखेगा। उसमें रोशनी पूरी तरह से आर-पार नहीं हो सकती है, वह मांसाहारी अंडा होगा। इस विधि से हम लोग शाकाहारी और मांसाहारी अंडे में फर्क देख सकते हैं।

मुर्गी में आगे बच्चा उत्पादन करने के लिए इनक्वेटर हेचरीज का यूज करते हैं।
मुर्गी में आगे बच्चा उत्पादन करने के लिए इनक्वेटर हेचरीज का यूज करते हैं।

शकाहारी और मांसाहारी दोनों होता है अंडा

ज्यादातर लोगों की गलतफहमी है कि अंडे से बच्चा (चूजा) निकलता है। लेकिन, अगर आप इस कारण से अंडे को मांसाहारी मानते हैं, तो आपको बता दें कि बाजार में मिलने वाले ज्यादातर अंडे अनफर्टिलाइज्ड होते हैं। इसका मतलब, उनसे कभी चूजे बाहर नहीं आ सकते। इसको टेबल परपस से तैयार किया जाता है। ऐसे में यह अंडा शाकाहारी होता है। वहीं मुर्गी और मुर्गे से फर्टिलाइज करके जो अंडा बनता है, वह मांसाहारी होता है। इस अंडे से चूजे निकलते हैं।

डॉ.अंजली।
डॉ.अंजली।

मुर्गी बिना मुर्गे के संपर्क में आए ही देती है अंडा

मुर्गी जब 6 महीने की हो जाती है तो हर 1 या डेढ़ दिन में अंडे देती ही है। लेकिन उसके अंडे देने के लिए जरूरी नहीं कि वह किसी मुर्गे के संपर्क में आई हो। इन अंडों को ही अनफर्टिलाइज्ड एग कहा जाता है। डॉ. अंजली बताया अंजली ने बताया कि इनमें से कभी चूजे नहीं निकल सकते। ऐसे में अगर आप अभी तक अंडे को मांसाहारी मानते हैं तो भूल जाइए, क्योंकि अंडा शाकाहारी है।

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By न्यूज़ डेस्क

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