इस वर्ष का पहला खंडग्रास सूर्यग्रहण 21 जून को होगा। यह सुबह 10:14 बजे प्रारंभ होकर दोपहर 1:38 बजे तक रहेगा। यानि 3 घंटे 24 मिनट। खास बात यह है कि 5 जून और फिर 5 जुलाई को चंद्रग्रहण होंगे, लेकिन पहला चंद्रग्रहण देश व दुनिया के कुछ हिस्सों में ही दिखेगा, जबकि दूसरा चंद्रग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा।
सूर्यग्रहण व दो चंद्रग्रहण समेत 30 दिन में तीन ग्रहण को पंडित अच्छा नहीं मान रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि तीनों ग्रहण के बाद महामारी का प्रकोप घटने लगेगा। ज्योतिषाचार्य दयानंद पाण्डेय के अनुसार 21 जून अर्थात् आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को खंडग्रास सूर्य ग्रहण मिथुन राशि मृगशिरा व आद्रा नक्षत्र में होगा।

इस साल 2 सूर्य व 3 चंद्रग्रहण सहित कुल 5 ग्रहण
इस साल कुल 5 ग्रहण होंगे। इसमें 2 सूर्य और 3 चंद्रग्रहण हॉगे। परंतु 5 जून से 5 जुलाई के बीच 3 ग्रहण होंगे। 21 जून को खंडग्रास सूर्यग्रहण भारत में दिखेगा। इसके बाद 30 नवंबर को चंद्रग्रहण होगा पर यह भी भारत में नहीं दिखेगा। इसके बाद 14 दिसंबर को सूर्यग्रहण होगा जो भारत छोड़ विदेश में कई स्थानों पर दिखेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह सूर्यग्रहण बेहद संवेदनशील है। मिथुन राशि में होने जा रहे इस ग्रहण के समय मंगल मीन राशि में स्थित होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे, जो कि अशुभ संकेत हैं। ग्रहण के समय ग्रह शनि, गुरु, शुक्र और बुध वक्री चाल चल रहे होंगे। गुरु नीच होकर सूर्य से अष्टक होंगे, ये स्थिति पूरे विश्व में उथल-पुथल मचाएगी। डॉ. सदानंद झा ने बताया कि सूर्य ग्रहण के प्रभाव से भूकंप के झटके महसूस हो सकते हैं। 6 महीने तक समुद्री तूफान आंधी की भी संभावना बनी रहेगी सूरज ग्रहण और चंद्र ग्रहण योग से विश्व में जनमानस की भी क्षति होगी।
राशियों पर असर
{मेष: श्रीवृद्धि, धन लाभ
{वृषभ: अर्थिक क्षति, बिगड़े काम बनेंगे
{मिथुन : दाम्पत्य सुख में कमी
{कर्क : धन हानि, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें
{सिंह: अर्थिक लाभ
{कन्या : सुख-सम्पति मिलेगी
{तुला : आय में वृद्धि, व्यय भी होगा
{वृश्चिक : अपनों से मन-मुटाव
{धनु : पारिवारिक कलह से बचे
{मकर : प्रसन्नता व व्यय बढ़ेगा
{कुंभ : भाइयों से विवाद
{मीन : वाहन सावधानी से चलाएं।



Comments are closed.