नवगछिया : इस्माईलपुर बिंदटोली और खैरपुर-राघोपुर के बीच नदी की धारा को बदलने के लिए जल संसाधन विभाग ने फिर से कवायद शुरू कर दी है। नदी की धारा जिस तरह से तटबंध की ओर है, इस धारा को सिल्टेशन की ओर करने के लिए विभाग के मंत्री संजय झा के निर्देश पर आईडब्ल्यूएआई(भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण) और जल संसाधन विभाग की सात सदस्यीय टीम ने बुधवार और गुरुवार को जहाज से निरीक्षण किया और नदी की गहराई को देखा।
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निरीक्षण का नेतृत्व जल संसाधन विभाग के तकनीकी परामर्शी सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख अंजनी कुमार सिंह कर रहे थे। इनके साथ जल संसाधन विभाग के मॉनिटरिंग कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार, कटिहार के मुख्य अभियंता अनिल कुमार, मुख्य अभियंता रूपांतरण शोध एवं गुण नियंत्रण पटना के राकेश कुमार और आईडब्ल्यूएआई के एएस एच आरसी पांडे टी ए आनंद कुमार टीए रवी कौशिक ने अधिकारियों के द्वारा कई जगहों को देखा। जिसमें कुछ जगहों पर सिल्टेशन होने के साथ-साथ कुछ जगहों पर नदी की धारा को बदलने की बात कही गयी। बताया कि खैरपुर-राघोपुर होते विक्रमशिला सेतु के नीचे और विक्रमशिला सेतु से लेकर इस्माईलपुर बिंद टोली तक निरीक्षण किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस्माईलपुर से बिंद टोली के बीच सपर संख्या 5 से लेकर 9 के बीच स्थिति गंभीर है। नदी का दबाव तटबंध के समीप है जहां पर नदी लगभग 12 से 15 मीटर नीचे गहराई में बह रही है जो काफी खतरनाक है। निरीक्षण के दौरान नदी की साउंडिंग जांच भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस्माईलपुर से बिंदटोली को बचाने के लिए कवायद शुरू की गई है। इसमें 84 धार और पुरानी धार है जिसको अगर खोला जाए तो थोड़ा सा नदी का दबाव तटबंध पर कम होगा। ऐसे इस बार यहां पर सिल्ट को काटने का भी विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है।

अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिस तरह से यहां पर काम चल रहा है नदी का दबाव को कम करना जरूरी है क्योंकि यहां पर नदी पूरी तरह से उल्टी बह रही है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता शशिकांत सिन्हा कार्यपालक अभियंता दिनेश कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
