नवगछिया : नवरात्रि का पर्व देवी उपासना और शक्ति की साधना का पर्व है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना को समर्पित होता है। मान्यता है कि इन पावन दिनों में माता रानी स्वयं धरती लोक पर विराजमान होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

नवगछिया में भी श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। यहां के निवासी कुमार मिलन सागर पिछले 10 वर्षों से शारदीय नवरात्र में विशेष तपस्या और कठिन साधना करते आ रहे हैं। वे कलबलिया धार से लेकर तेतरी वाली मां के दरबार तक दंडवत प्रणाम करते हुए पहुंचते हैं।

कुमार मिलन सागर बताते हैं कि वर्ष 2011 से 2013 तक वे अपने सीने पर कलश रखकर मां दुर्गा की उपासना कर चुके हैं। उनका कहना है कि मां से उन्हें किसी प्रकार की व्यक्तिगत अपेक्षा नहीं है, केवल मां का आशीर्वाद ही उनके लिए सब कुछ है।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि कुछ माह पूर्व उनकी तबीयत अत्यधिक खराब हो गई थी और वे आईसीयू में जीवन और मृत्यु से जूझ रहे थे। लेकिन मां की कृपा और आशीर्वाद से वे स्वस्थ होकर एक बार फिर नवरात्र में माता के दरबार में हाजिरी लगा पाए। यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

कुमार मिलन सागर ने बताया कि 2014 से उन्होंने दंडवत प्रणाम की परंपरा शुरू की, और तब से लगातार इस साधना को निभाते आ रहे हैं। उनका विश्वास है कि तेतरी वाली मां की महिमा हजारों वर्षों से चली आ रही है। मां की शरण में आने वाला कोई भी भक्त कभी निराश नहीं लौटता।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet