नवगछिया : डीडी दूरदर्शन जो कि बिहार में नवगछिया के चित्रकार अश्वनी आनंद का भागलपुर की मंजूषा कला के संदर्भ में इंटरव्यू हुआ है. यह रविवार को शाम 6:00 बजे प्रसारित किया जाएगा. अश्वनी मूलतः नवगछिया महदत्तपुर के शालिग्राम ठाकुर के पुत्र हैं. इन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर जमुनिया से किया और प्लस टू की पढ़ाई जीबी कॉलेज नवगछिया से स्नातक की पढ़ाई कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स पटना (पेंटिंग) विषयों से किया. उसके बाद अभी मास्टर ऑफ फाइन आर्ट ( पेंटिंग ) की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बनारस से कर रहे हैं.
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इन्होंने मंजूषा कला की शिक्षा मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित के द्वारा ली मंजूषा के बारीकियों को सीखा समझा और आगे भी निरंतर पेंटिंग करते गए. अभी तक में बहुत सारे पेंटिंग के वर्कशॉप पेंटिंग और कला प्रदर्शनी लगाए हैं. राज्य स्तरीय कंपटीशन मंजूषा कला में भी अपनी सहभागिता दी हैं. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय कामेश्वरनगर दरभंगा के विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग के द्वारा इन्हें एक मंजूषा कला के प्रशिक्षक के तौर पर अंगिका लोक पर मिथिला लोक पर्व में बुलाया गया था.
बहुत सारे जगह पर इनकी पेंटिंग प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया के माध्यम से बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, रांची, भागलपुर, दरभंगा, पटना इत्यादि जगह पर प्रकाशित हुई है. इन्हें बहुत सारे जगह से इन्हें अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है. चित्रकार अश्वनी का कहना यह है कि जिस प्रकार से बिहार की मधुबनी पेंटिंग पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है.

ठीक उसी प्रकार से अपने भागलपुर की मंजूषा पेंटिंग में वह सारी खूबियां है. जिससे कि पूरे विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सके मंजूषा पेंटिंग को योग्य सम्मान दिलाने के लिए इस लोक कला की पारंपरिक परंपरा को जीवित रखने के लिए अश्वनी आनंद जैसे कलाकार कार्यरत है.
