नवगछिया के उस्मानपुर के दर्जन भर किसानों ने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की है। स्ट्रॉबेरी की लाली देख किसान भी लाल हो रहे हैं। प्रतिदिन एक क्विंटल स्ट्रॉबेरी किसान तोड़ रहे हैं और ऑनलाइन बिक्री कर रहे हैं।
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लेट वेरायटी गोभी की खेती करने वाले किसानों को उसका लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पा रहा था। किसान इसका विकल्प तलाश रहे थे। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के विज्ञानी डॉ. रामदत्त ने आस्ट्रेलिया-इंडिया काउंसिल प्रोजेक्ट के तहत यहां के किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए जागरूक किया।

पहले तो किसान खगेश, मनोहर, विकास और धनंजय मंडल असमंजस में थे। जब स्ट्रॉबेरी के पौधों में फल लगना शुरू हुआ और उस पर रंग चढ़े तो उनके भी चेहरे खिल उठे। बहरहाल इस वर्ष चारों किसानों ने मिलकर एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की बेहतरीन खेती की है। किसान खगेश मंडल ने बताया कि एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी लगाने पर साढ़े तीन लाख रुपये तक खर्च आया है। सात लाख रुपये तक कमाई होने की उम्मीद है। ऑलाइन से एक किलो स्ट्रॉबेरी 300 रुपये में बिक जाती है। इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिन्हें हमारा उत्पाद पसंद आता है, वे फोन करते हैं। स्ट्रॉबेरी उनके घर तक पहुंचा दी जाती है।

