नवगछिया : नवगछिया में कोरोना संक्रमित व्यक्ति के चेन में आए जिन 14 लोगों का ब्लड सेम्पल प्रशासन द्वारा जांच के लिए भेजा गया था उन सभी लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है. मंगलवार को एक बार फिर से प्रशासन स्तर से चार लोंगो का ब्लड सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है. मंगलवार को जिन लोगो का सेम्पल लिया गया है उसमें संक्रमित व्यक्ति के पत्नी, पुत्र एवं पुत्रवधू का ब्लड सेम्पल पुनः जांच के लिए भेजा गया है. जबकि संक्रमित व्यक्ति जो अपने रिश्तेदार साढू से मिले थे उनका ब्लड सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है. पूर्व में भेजे गए जांच रिपोर्ट के निगेटिव आने की पुष्टि एसडीओ मुकेश कुमार ने की है. एसडीओ ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति जिन लोगो के संपर्क में आए थे उन सभी 14 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है.
उन्होंने कहा इसके अलावे संक्रमित व्यक्ति के परिजनों का पुनः सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है. अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ ए के राय ने कहा कि मंगलवार को चार लोगों का ब्लड सेम्पल जांच के लिए लिया गया है. जिसमे संक्रमित व्यक्ति के परिवार के तीन सदस्य का सेम्पल पुनः लिया गया है. स्वास्थ्य टीम के द्वारा लिए गए ब्लड सेम्पल को जांच के लिए पटना आर एम आई सेंटर जांच के लिए भेजा गया है. इधर मंगलवार को संक्रमित व्यक्ति के रिश्तेदार को भी सेम्पल लेने के बाद अनुमंडल अस्पताल में बनाए गए आईसुलेशन वार्ड में रखा गया है.

वहीं उन्होंने बताया कि जिन लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है उन लोगों को तत्काल आईसुलेशन वार्ड में रखा गया है. उन लोगों को रिलीज करने के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं डब्लू एच ओ से निर्देशन मांग गया है. वरीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देशन के बाद जिन लोगों के रिपोर्ट निगेटिव आए थे उन लोंगो के रिलीज किए जाने के संदर्भ में आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि पूर्व में जिन लोगों का ब्लड सेम्पल जांच के लिए भेजा गया था उसमें स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं.
रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद उन लोगों को स्वास्थ्य कार्य मे पुनः लिया जाएगा या नहीं इस संदर्भ में भी स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी से मार्गदर्शन मांगा गया है. हालांकि उन्होंने कहा कि पूर्व में मायनगंज अस्पताल में भी स्वास्थ्य कर्मियों की जांच हुई थी. जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन लोगों को पुनः स्वास्थ्य कार्य मे लगाया गया था. लेकिन तत्काल स्वास्थ्य कर्मियों को भी आईसुलेशन वार्ड में रखा गया है. इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी के निर्देशन का इतंजार है.


