कोरोना से बचाव के लिए बुधवार को डीआईओ डॉ. मनोज चौधरी की अध्यक्षता में अनुमंडलीय अस्पताल में बैठक की गयी। इसमें निर्णय लिया गया कि नवगछिया के सभी लोगों की जांच पोलियो की तरह घर-घर जाकर की जाएगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है। गुरुवार से सभी सुपरवाईजर घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगे।
जांच के दौरान अगर किसी आदमी को तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, खांसी होगी तो उनका नमूना लेकर उन्हें होम क्वारंटाइन किया जाएगा। अगर किसी को साधारण बुखार, सर्दी-खांसी होगी तो उसे घर पर ही दवा दे दी जाएगी। आठ दिनों में जांच कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में एसीएमओ, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि, अनुमंडलीय अस्पताल के डीएस डॉ. एके सिन्हा सहित सभी पल्स पोलियो के सुपरवाइजरों ने भाग लिया। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 77 टीमें गठित की है। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि टीम में आशा, एएनएम आदि को रखा गया है। आठ दिन में स्क्रीनिंग पूरी करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद से आये 13 मजदूरों जबरन क्वारंटाइन में रखा:
इलाहाबाद से पैदल चलकर 17 दिनों में नवगछिया के नगरह अपने घर 13 मजदूर पहुंचे थे। उन्हें देख गांव के लोग इकट्ठा हो गए और मजदूरों को घर जाने से रोकते हुए सबको गांव में बने क्वारंटाइन पर जाने को कहा। इस पर सभी मजदूर भड़क गए और कहने लगे कि 17 दिनों तक पैदल चलकर अपने घर आये हैं। अब घर नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे। बाद में इनलोगों को समझाया गया।
नवगछिया प्रखंड के सभी घरों के लोगों की स्क्रीनिंग का काम शुरू किया जा रहा है। पूर्व में एक पोजिटिव मामला आने के बाद आसपास के क्षेत्रों में स्क्रीनिंग करायी गयी थी। अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में स्क्रीनिंग करायी गयी है। शहरी क्षेत्र में भी कराया जाएगा। प्रणव कुमार, डीएम,भागलपुर
20 लोग हैं क्वारंटाइन में नवगछिया बाजार में कोरोना के पॉजीटिव मरीज मिलने के बाद लगातार नगर पंचायत क्षेत्र में स्क्रीनिंग की जा रही है। इस समय अनुमंडल अस्पताल के क्वारंटाइन में 20 लोग हैं। इनमें से 14 लोगों की रिपोर्ट देर रात तक आने की संभावना है। अगर सभी 14 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन सभी को मुहर लगाकर होम क्वारंटाइन कर दिया जाएगा।


