नवगछिया । गंगा दशहरा का पावन पर्व आज रविवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। भागलपुर के बरारी घाट, सुल्तानगंज, कहलगांव और महादेवपुर घाट समेत विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान-दान को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि गंगा दशहरा के बाद से नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो जाती है, जो मानसून के दौरान अपने उच्चतम स्तर तक पहुंचती है।
इस वर्ष गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को साफ और स्वच्छ जल में डुबकी लगाने का अवसर मिलेगा। बरारी घाट से नाव परिचालन करने वाले नाविक रौशन कुमार और स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार गंगा का पानी काफी साफ दिखाई दे रहा है।

टीएमबीयू के पीजी भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि समय से पहले हुई बारिश के कारण नदी में ताजे जल का प्रवाह बढ़ा है। इससे पानी में घुलित ऑक्सीजन यानी डिजॉल्व ऑक्सीजन का स्तर बेहतर हुआ है, जो जलीय जीवों और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, भागलपुर के समीप गंगा जल में ऑक्सीजन का स्तर पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं विभिन्न घाटों के पानी का पीएच स्तर 7.5 से ऊपर पाया गया है, जो जल की गुणवत्ता के लिहाज से संतोषजनक माना जा रहा है।
इधर, समय से पहले बारिश होने के कारण गंगा का जलस्तर भी बढ़ा है। 24 मई को भागलपुर में गंगा का जलस्तर 25.58 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर बेहतर रहने से इस बार नदी मार्ग से जहाज और मालवाहक नौकाओं के परिचालन में भी सुविधा हो रही है।

