नवगछिया : गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने के साथ ही इस्माईलपुर प्रखंड के लोगो पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. गंगा नदी वर्तमान में खतरे के निशान 31.60 मीटर से एक मीटर नीचे 30.50 मीटर पर बह रही है. जल स्तर में हुई वृद्धि के बाद परबत्ता धार के पास इस्माईलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल एवं ग्रामीणों के सहयोग से बाढ़ का पानी रोकने के लिए बनाए गए बांध पर नदी के पानी का काफी दबाव है.

ग्रामीणों सहयोग से बनाए गए बांध के कारण ही इस्माईलपुर का दियारा इलाका बाढ़ से प्रभावित नहीं हुआ है. उक्त बांध के टूटने के साथ ही इस्माईलपुर प्रखंड का पूरा दियारा इलाका बाढ़ की चपेट में आ जाएगा. कई गांव भी बाढ़ से प्रभावित होंगे एवं दर्जनों गांव का अनुमंडल मुख्यलय से सीधा संपर्क भी भंग हो जाएगा.

इसके अलावा हजारों एकड़ में लगी किसानों की मक्के की फसल भी बर्बाद हो जाएगी. इस्माईलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने कहा कि धार को में वर्ष 2018 में ही ग्रामीण के सहयोग से मिट्टी डाला गया था। उस वर्ष सितंबर माह में बाढ़ का पानी आया था. इस वर्ष जुलाई माह में ही जल स्तर काफी बढ़ गया है. बांध पर काफी दबाव बन गया हैं ऐसी स्थिति में उक्त जहग पर अभी बांध टूट जाने पर भाड़ी तबाही होगी.

उन्होंने कहा कि उक्त बांध क्षतिग्रस्त न हो इसको लेकर वहां पर मिट्टी डलवाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में जल संसाधन विभाग के अभियंता से भी बात करेंगे. उन्होंने कहा कि जहान्वी चौक से लेकर इस्माईलपुर तक रिंग बांध का निर्माण हो जाता तो वर्तमान में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती.

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *