नवगछिया : खरिक थाना क्षेत्र के गंगा नदी के सिकिया गंगा धार के पास रविवार को 11 बजे दिन में एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। युवक की पहचान बिहपुर थाना क्षेत्र के गौरीपुर निवासी प्रभाष झा के पुत्र मंगल कुमार झा (20) के रूप में हुई। मौके पर पहुंची खरीक एवं बिहपुर पुलिस ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा।
गंगा धार किनारे पशुओं को चरा रहे चरवाहों की नजर शव पर पड़ी। इसके बाद घटना की खबर चारों ओर फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गयी। करीब दो दर्जन की संख्या में मौजूद चरवाहों ने बताया कि दिन के दस बजे हमलोग भैंस को धार (पानी) में बैठाकर घर गये थे। उस समय यहां कुछ नहीं था। पुनः दो घंटे बाद वापस आने पर शव को देखा। वहीं घटना के संबंध में कोई भी कुछ बोलने से साफ परहेज कर रहा है। हालांकि, कुछ लोग दबी जुबान से चर्चा करते दिखे कि सुबह 10 बजे लत्तीपुर में शराब पार्टी का आयोजन हुआ था। जिसमें मृतक समेत पांच लोग शामिल हुए थे। इसके बाद मृतक को पड़ोस गांव के ही एक बदमाश अपने तीन अन्य साथियों के साथ लात-घूंसे एवं डंडे से पीटते हुए बांध की तरफ ले जा रहे थे। एक बदमाश अपने हाथ में धारदार हथियार लहराते हुए जा रहा था। बदमाशों ने बांध के पास युवक की निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या कर दी। हालांकि, घटना का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक के बारे में भी सनकी मिजाज का बताया जा रहा है।


मंगल को दिनदहाड़े पीटते हुए ले गये बदमाश, लोग बने रहे मुकदर्शक
मंगल को दिनदहाड़े पीटते हुए बदमाश गंगा धार की ओर ले जा रहे थे। किन्तु किसी ने भी इस बात का विरोध नहीं किया। सभी मूकदर्शक बनकर देखते रहे। जबकि लत्तीपुर चौक पर हर समय लोगों की भीड़ एवं आवाजाही बनी रहती है। अगर किसी ने भी थोड़ी हिम्मत दिखाकर बदमाशों के करतूत का विरोध किया होता या मामले की जानकारी पुलिस को दी होती तो शायद उसकी जान बच जाती। वहीं धार किनारे चरवाहों ने भी बताया कि कुछ महिलाओं ने भी उसे पीटते हुए धार की तरफ ले जाते हुए देखा था। वहीं घटनास्थल के पास एक डंडा भी पड़ा हुआ था। जो शायद बदमाशों का ही था। मृतक के पड़ोसियों ने बताया कि दिन के करीब दस बजे उसे गांव में ही देखा गया था। वहीं मृतक के पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं है। जिस कारण वह कुछ भी बताने में असमर्थ हैं। मृतक अपने छोटे भाई के साथ हैदराबाद में रहकर मजदूरी करता था। कोरोना काल में वह घर आया था। उसका छोटा भाई अभी भी वही है। मां का कुछ वर्ष पूर्व ही निधन हो चुका है

