नवगछिया : गंगा एवं कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद नदी उफान पर है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण तिनटंगा दियारा दक्षिणी पंचायत के ज्ञानी दास टोला में भीषण कटाव शुरू हो गया है। पिछले 15 दिनों के दौरान दर्जनों घर कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर मात्र 30 सेकेंड में पंचायत के वार्ड नंबर नौ का जल मीनार गंगा नदी के गर्भ में समा गया। तटवर्ती इलाके के लोगों के बीच बाढ़ और कटाव के चलते हाहाकार मचा हुआ है। रंगरा प्रखंड के कई पंचायत बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
प्रखंड क्षेत्र के जहांगीरपुर बैसी, तिनटंगा दियारा उत्तर और दक्षिण, मदरौनी, कौसकीपुर सहौरा एवं सधुआ चापर पंचायत में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। जानकारी के अनुसार मदरौनी पंचायत के लगभग 800 घरों में, कौशिकीपुर सहौरा पंचायत के लगभग 500 घरों में जबकि सधुआ चापर पंचायत के लगभग 1000 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सधुआ चापर एवं मदरौनी पंचायत में आमलोग लगभग चार से पांच फीट पानी तैरकर अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। दूसरी ओर एनएच 31 स्थित चापर चौक से चापर दियारा, चांयटोला, शेरमारी एवं पकरा जाने वाली मुख्य ग्रामीण सड़क पर बलिया धार के समीप भी कटाव हो गया है। यह सड़क दियारा क्षेत्र की बड़ी आबादी की लाइफलाइन मानी जाती है।
इस सड़क के कटने से लगभग 50000 की आबादी का संपर्क भंग हो गया है। सधुआ चापर पंचायत के मुख्य मार्ग पर लगभग चार से पांच फीट पानी का बहाव हो रहा है। जबकि मदरौनी के पुवारी टोला में गांव के मुख्य सड़क पर लगभग छह से सात फिट पानी बहने लगा है। मदरौनी और कोसकीपुर सहौरा पंचायत के बाढ़ प्रभावित परिवार कटिहार-बरौनी रेलखंड के रेलवे किनारे एवं एनएच 31 सड़क मार्ग के किनारे झोपड़ी बनाकर शरण लिए हुए हैं। वहीं दूसरी ओर सधुआ चापर पंचायत के बाढ़ प्रभावित परिवार कटरिया रेलवे स्टेशन एवं रेल पटरी के किनारे झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ जीवन बिता रहे हैं।


