गोपालपुर अंचल कार्यालय के बाहर गुरुवार को सैदपुर निवासी कृष्णा कुमार ने दाखिल-खारिज मामले में कार्रवाई न होने के विरोध में आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि वर्षों से आवेदन देने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
2022 से लंबित है दाखिल-खारिज का मामला
कृष्णा कुमार के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2022 में दाखिल-खारिज के लिए नवगछिया डीसीएलआर को आवेदन दिया था। इस पर डीसीएलआर ने 29 जनवरी 2025 को आदेश जारी किया था। आदेश के अनुपालन में उन्होंने अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपा, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
पीड़ित का कहना है कि नोटिस दिए जाने के बावजूद फाइल जानबूझकर लंबित रखी जा रही है और अंचल कार्यालय के कुछ कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। इसी कथित लापरवाही और अनदेखी के विरोध में वह पूर्व घोषित आमरण अनशन पर बैठे हैं।

पूर्व प्रत्याशी ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
मौके पर पहुंचे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी पीयूष झा ने अंचल कार्यालय में विस्तृत भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्यालय में दलालों का बोलबाला है और कर्मचारी समय पर नहीं आते, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंचलाधिकारी ने जताई जमाबंदी में गड़बड़ी की आशंका
इस संबंध में गोपालपुर अंचलाधिकारी रौशन कुमार ने कहा कि उन्हें अनशन की जानकारी है। उन्होंने बताया कि संबंधित जमाबंदी में छेड़छाड़ की आशंका के कारण फाइल लंबित है। इसी वजह से डीसीएलआर के आदेश का पालन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मामले में वरीय अधिकारी से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।

