नवगछिया : रंगरा ओपी से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे रंगरा प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार उर्फ मोती यादव ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर मदरौनी पंचायत के मुखिया अजीत सिंह मुन्ना को उनकी गाड़ी से खींच कर चापर स्थित अपने घर पर ले जाकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। मुखिया रंगरा पंचायत सरकार भवन में आयोजित एक बैठक से वापस अपने घर मदरौनी लौट रहे थे। जिस समय यह घटना घटित हुई मुखिया के साथ उनके समर्थक गंगा सिंह और राजू सिंह भी मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार मदरौनी चौक के समीप 10 कट्ठे की जमीन को मुखिया अजीत सिंह मुन्ना ने प्रमुख मोती यादव को बिक्रीनामा के रूप में एग्रीमेंट किया गया था। मुखिया ने प्रमुख को जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी थी। लेकिन रजिस्ट्री के बाद यह बात सामने आई कि वह कोई और जमीन है। जबकि एग्रीमेंट में जिस जमीन का जिक्र किया गया है, वह जमीन मुखिया के किसी दूसरे हिस्सेदार की है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कई बार पंचायत भी हुई। मुखिया ने रुपया वापसी के रूप में प्रमुख को 30 लाख रुपया का चेक दिया जो बाउंस हो गया।
चालक ने भागकर दी जानकारी, दो घंटे तक रहे बंधक : घटना में दोनों के बीच हाथापाई हुई जिससे मुखिया और प्रमुख को आंशिक रूप से चोट आई। पुलिस ने दोनों का प्राथमिक उपचार कराया। घटना के बाद मुखिया का गाड़ी चालक परवेज आलम वहां से भाग निकला और इसकी सूचना मुखिया के परिजनों को दी। सूचना नवगछिया और रंगरा पुलिस को भी दी गई। सूचना पर गोपालपुर नवगछिया, परबत्ता, खरीक, ढोलबज्जा सहित आठ थानों की पुलिस रंगरा थाना पर पहुंचकर कैंप करने में जुट गई।

दोपहर करीब तीन बजे नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस ने प्रमुख के घर पर जाकर दोनों को उठाकर थाने लाई। इस घटना के बाद सैकड़ों की तादाद में दोनों पक्षों के लोग रंगरा थाना में जुट गए। देर शाम तक पुलिस के द्वारा दोनों को समझाते हुए समझौता कराने का प्रयास भी किया गया। खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों के द्वारा रंगरा ओपी में एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराने हेतु आवेदन देने की प्रक्रिया की जा रही थी।
एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि 75 लाख की जमीन का विवाद है मुखिया पर पैसे लेकर जालसाजी करने की बात प्रमुख बता रहे हैं। दोनों पक्षों ने थाने में आवेदन दिया है।
पेट्रोल पंप खोलने के लिए प्रमुख ने खरीदी थी जमीन :
प्रमुख मोती यादव ने 10 कट्ठा जमीन वहां पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए खरीदी थी। एग्रीमेंट में उक्त जमीन एनएच 31 से सटे हुए होने की बात कही गई थी,लेकिन जो जमीन रजिस्ट्री की गई वह जमीन एनएच से दूर थी। यही कारण है कि प्रमुख को यह वादा खिलाफी नागवार गुजरा और उन्होंने मुखिया को अगवा कर लिया।
एसपी बोले, दोनों को भेजा जाएगा जेल:
एसपी सुशांत कुमार ने कहा कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। दोनों पक्षों ने आवेदन दिया है। दोनों को जेल भेजा जाएगा।

