भागलपुर: सिल्क सिटी भागलपुर के तिलकामांझी हटिया रोड पर शुक्रवार सुबह सड़क किनारे मानव का कटा हुआ पैर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने जैसे ही सड़क किनारे इंसानी पैर देखा, मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और हत्या की आशंका को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


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मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय वार्ड पार्षद मौके पर पहुंचे और नगर निगम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद नगर निगम की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सड़क पर मिला कटा हुआ पैर किसी अपराध का नहीं, बल्कि हटिया रोड स्थित एक निजी क्लीनिक से ऑपरेशन के बाद निकाला गया मानव अंग था।

जांच के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित क्लीनिक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में क्लीनिक का एक कर्मचारी ऑपरेशन के बाद निकले मानव अंग को सड़क किनारे फेंकता हुआ दिखाई दिया। पूछताछ में कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए नगर निगम ने क्लीनिक संचालक डॉ. मनोज राम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

इसी कार्रवाई के दौरान पास स्थित डॉ. सोमेन चटर्जी के क्लीनिक की भी जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में वहां का एक कर्मचारी भी बायोमेडिकल कचरा खुले में फेंकता हुआ पाया गया। इस मामले में भी नगर निगम ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

नगर निगम अधिकारियों ने दोनों क्लीनिक संचालकों को भविष्य में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि नियमों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान निकाले गए मानव अंगों का निस्तारण अधिकृत बायोमेडिकल वेस्ट एजेंसी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से किया जाना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन की पुनरावृत्ति होने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

By न्यूज़ डेस्क

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